महाराष्ट्र समाज में विधि-विधान से विराजे सिद्धिविनायक गणपति बप्पा,,
गाजे-बाजे और मराठी परंपरा के साथ हुआ मंगल आगमन, 11 दिवसीय गणेशोत्सव का हुआ शुभारंभ
देवास। महाराष्ट्र समाज देवास द्वारा गणेशोत्सव की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने 81वें वर्ष में भगवान श्री गणेश की विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ स्थापना की गई। रिमझिम बारिश के बीच गाजे-बाजे, ढोल-ताशों और गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके साथ ही महाराष्ट्र समाज के श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ।
भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को पारंपरिक मराठी रीति-रिवाजों के साथ बैंड-बाजे की मंगल धुनों के बीच समाज परिसर में लाया गया। इस दौरान समाज के पुरुष सदस्य पारंपरिक सफेद मराठी वेशभूषा तथा महिलाएं आकर्षक नौवारी साड़ी में नजर आईं। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ बप्पा का स्वागत किया। समाज परिसर में गणपति बप्पा के पहुंचते ही महिलाओं द्वारा आरती उतारी गई और “गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। श्री अनिल बेलापुरकर गुरुजी के निर्देशन में गणपति बप्पा की स्थापना की धार्मिक विधियां संपन्न कराई गईं। समाज अध्यक्ष श्री दीपक कर्पे ने सपत्नीक श्रीमती उज्ज्वला कर्पे के साथ विधि-विधानपूर्वक भगवान श्री गणेश का पूजन-अर्चन कर स्थापना की। मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच बप्पा को समाज के श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में विराजित किया। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्य एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। गणपति स्थापना के साथ ही महाराष्ट्र समाज परिसर में आगामी 11 दिनों तक चलने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया है। सायंकाल वरिष्ठ सदस्य श्री शीलनाथ आरस द्वारा भगवान श्री गणेश की आरती संपन्न कराई गई। इसके पश्चात श्री सच्चिदानंद भजन मंडल द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों और गणपति स्तुति से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया और श्रद्धालु देर तक भक्ति में लीन रहे। महाराष्ट्र समाज के प्रवक्ता अमित बागलीकर ने बताया कि समाज द्वारा लगातार 81 वर्षों से गणेशोत्सव की परंपरा को श्रद्धा, संस्कार और मराठी संस्कृति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष भी भगवान श्री सिद्धिविनायक गणपति बप्पा की स्थापना के साथ 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ है। गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक पूजा-अर्चना, आरती, भजन एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। बप्पा का समाज में आगमन प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और मंगल लेकर आए, यही समाजजनों की सामूहिक प्रार्थना है।

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