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विश्व फिजियोथेरेपी दिवस” पर जिला चिकित्सालय देवास में आयोजित शिविर में 150 मरीजों को दिया नि:शुल्क परामर्श

“विश्व फिजियोथेरेपी दिवस” पर जिला चिकित्सालय देवास में आयोजित शिविर में 150 मरीजों को दिया नि:शुल्क परामर्श
देवास 09 सितंबर 2026/ “विश्व फिजियोथेरेपी दिवस” के अवसर पर जिला चिकित्सालय देवास में निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 150 मरीजों को निःशुल्क परामर्श प्रदान कर पुनर्वास तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। 
सिविल सर्जन डॉ एस के खरे ने बताया कि विश्व फिजियोथेरेपी दिवस वर्ष 2026 की थीम हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम, प्रबंधन और पुनर्वास में फिजियोथेरेपी और शारीरिक गतिविधि की भूमिका है। फिजियोथेरेपी केवल उपचार ही नहीं बल्कि जीवन की गुणवत्ता सुधारने का एक सशक्त माध्यम है। फिजियोथेरेपी और नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि ये रक्तचाप नियंत्रित करने, रक्त संचार सुधारने और हृदय को मजबूत बनाने में सहायक होती है। 
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वंदना केसरी ने बताया कि पुनर्वास चरण में भी फिजियोथेरेपी मरीजों को धीरे‑धीरे सक्रिय जीवन की ओर लौटने, गतिशीलता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता पुनः प्राप्त करने में मदद करती है। यदि फिजियोथेरेपी कराने में संकोच न करें और समय पर करें तो यह अत्यंत लाभप्रद है। आरएमओ डॉ अजय पटेल ने बताया कि जनसामान्य को अपने दैनिक जीवन में शारीरिक सक्रियता को शामिल करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट से मार्गदर्शन लेना चाहिए।
नोडल अधिकारी एवं एम डी मेडिसिन डॉ. बी आर शुक्ला ने बताया कि सामान्य व्यक्ति को ऐसे प्रयास करना चाहिए कि जिससे हृदयाघात और पक्षाघात से बचाव हो सके। मानसिक अवसाद से बचाव का उपाय स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना है। नियमित व्यायाम और सही आसन से कई बीमारियों की रोकथाम संभव है। फिजियोथेरेपी आधुनिक चिकित्सा का अभिन्न हिस्सा है यह न केवल चोट या बीमारी के बाद पुनर्वास में सहायक है बल्कि वृद्धजन और बच्चों के लिए भी जीवन को सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखने का साधन है। इंचार्ज फिजियोथेरेपी विभाग डॉ. प्रियंका अतुलकर ने बताया कि शिविर में मरीजों को कंधे, घुटने, कमर एवं गर्दन दर्द के व्यायाम सिखाए गये एवं दैनिक जीवन में इन्हें दोहराने हेतु प्रेरित किया गया।
    शिविर में इएनटी विशेषज्ञ डॉ फेहमिदा कुरैशी, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अलावा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ लक्ष्मी जायसवाल, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ धर्मेन्द्र प्रजापति एवं अस्पताल प्रबंधक श्री प्रमोद गुणवान सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।

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