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स्वामित्व योजना में निष्पादक की जिम्मेदारी के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे 350 से अधिक पटवारी,,मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, कार्य से विरत रहने का ऐलान; दबाव बनाने पर कलमबंद आंदोलन की चेतावनी

स्वामित्व योजना में निष्पादक की जिम्मेदारी के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे 350 से अधिक पटवारी,,

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, कार्य से विरत रहने का ऐलान; दबाव बनाने पर कलमबंद आंदोलन की चेतावनी
देवास। मप्र पटवारी संघ जिला देवास एवं प्रांतीय पटवारी संघ भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में प्रादेशिक आह्वान पर 15 सितंबर, मंगलवार जिलेभर के 350 से अधिक पटवारी मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 में निष्पादक की जिम्मेदारी पटवारियों को दिए जाने के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने 15 सितंबर से संबंधित कार्य से विरत रहने तथा दबाव बनाए जाने पर कलमबंद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष मोहन राठौर ने कहा कि शासन की योजनाओं को जमीन पर लागू करने में पटवारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन लगातार नई जिम्मेदारियां बढ़ाई जा रही हैं। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 में पटवारी को निष्पादक बनाए जाने को लेकर संवर्ग में गंभीर आपत्ति है। संघ का कहना है कि जिस भूमि के अधिकार का पटवारी न तो मालिक है और न हस्तांतरणकर्ता, उससे संबंधित दस्तावेज का कानूनी निष्पादक उसे बनाया जाना उचित नहीं है। प्रस्तावित व्यवस्था में पंजीयन दस्तावेज पर पटवारी का नाम, पद एवं ई-सिग्नेचर निष्पादक के रूप में दर्ज होगा। भविष्य में भूमि की सीमा, क्षेत्रफल, वारिस, हिस्सेदारी अथवा कब्जे को लेकर विवाद उत्पन्न होने पर कानूनी जिम्मेदारी पटवारी पर आने की आशंका है। पटवारी संघ ने तर्क दिया कि आबादी क्षेत्र की भूमि राजस्व कृषि भूमि से अलग है तथा इसका सर्वे पंचायत राज विभाग द्वारा कराया गया है। ऐसे में निष्पादन की जिम्मेदारी पटवारी को सौंपना कार्य-विभाजन की दृष्टि से भी उचित नहीं है। संघ ने फार्मर आईडी और जिओ टैग गिरदावरी को लेकर भी व्यवहारिक कठिनाइयों का उल्लेख किया। पटवारियों ने फार्मर आईडी तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन शेष कार्य के लिए उन पर अतिरिक्त दबाव बनाए जाने पर नाराजगी जताई। ज्ञापन में वेतन विसंगति, ग्रेड-पे, कैडर रिव्यू और पदोन्नति सहित लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी निराकरण करने की मांग रखी गई। संघ ने कहा कि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ने के बावजूद इन मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है। पटवारी संघ ने स्वामित्व योजना में निष्पादन एवं पंजीयन से जुड़े कार्यों, ई-केवाईसी तथा व्यक्तिगत कानूनी जिम्मेदारी वाले कार्यों से पटवारी संवर्ग को अलग रखने की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने अथवा दबाव बनाए जाने की स्थिति में प्रदेशभर में कलमबंद आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिला सचिव अनिल सोलंकी, जिला कोषाध्यक्ष प्रेमकुमार जावरिया, तहसील कोषाध्यक्ष हेमंत जलवानिया, तहसील सचिव अमित शर्मा, देवास तहसील अध्यक्ष अजय वर्मा, टोंकखुर्द तहसील अध्यक्ष शंकरलाल पंड्या, सोनकच्छ तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र विश्वकर्मा, बागली तहसील अध्यक्ष संजय पवार, खातेगांव तहसील अध्यक्ष ओमप्रकाश कर्मा, उदयनगर तहसील अध्यक्ष पूनमचंद देवड़ा सहित जिलेभर के 350 से अधिक पटवारी मौजूद रहे।

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