देवास। माहेश्वरी समाज के मीडिया प्रभारी राजेन्द्र मूंदड़ा एवं अध्यक्ष दिनेश एम भूतड़ा ने बताया कि श्री सांवलिया नाथ मंदिर में पिछले 7 दिनों से चल रही भागवत कथा में पंडित अनिल भारद्वाज द्वारा श्रीमद भागवत का रसास्वादन करवाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत कथा विश्राम के अवसर पर पंडित जी सुदामा चरित्र प्रसंग के अंतर्गत कहा कि सुदामा चरित्र केवल मित्रता की ही कथा नहीं है बल्कि भक्त और भगवान के बीच के निस्वार्थ प्रेम की कथा है जब द्वारकाधीश श्री कृष्ण ने अपने बचपन के साथी सुदामा के चावल के दानों को प्रेम से खाया तो तीनों लोकों की संपत्ति को सुदामा को सप्रेम भेंट कर दी तथा भाभी के हाल-चाल पूछे इससे सिद्ध होता है कि भगवान को धन नहीं भाव चाहिए। आगे परीक्षित मोक्ष कथा में बताया कि जिस राजा परीक्षित को श्राप के कारण 7 दिन में मृत्यु आनी थी उन्होंने अपने अंतिम सात दिन भागवत कथा सुनकर अपने जीवन को धन्य किया और मोक्ष को प्राप्त हुए। कलयुग में भागवत कथा ही मुक्ति का सरल साधन है। कथा विश्राम के यजमान राजेन्द्र मूंदड़ा, दिनेश बी भूतड़ा एवं राजेश मालू परिवार थे। कथा के पूर्व परिवारजनों ने लड्डू गोपाल एवं श्रीमद भागवत का पूजन किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज जन एवं श्रद्धालुओं ने उपस्थित रहकर आनंद प्राप्त किया। कथा के अंत में महा आरती एवं प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से महेश्वरी पश्चिमांचल उपाध्यक्ष कैलाश डागा भी उपस्थित थे। समाज सचिव प्रदीप साबू, उत्सव मंत्री प्रहलाद चांडक एवं बालकृष्ण मंत्री ने सभी समाजजनो का आभार व्यक्त किया।

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