सुरों से सजा महाराष्ट्र समाज का मंच, प्रतिभाओं ने बांधा समां,
कराओके स्पर्धा में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने दिखाया हुनर, भाग्यश्री मुंशी प्रथम, हेमांगी सुरंगे द्वितीय और दिलीप तिलक रहे तृतीय।
देवास। महाराष्ट्र समाज के 81वें गणेशोत्सव के दसवें दिन सिद्धिविनायक गणपति की विधि-विधान से आरती के बाद संगीत और समाज की प्रतिभाओं को समर्पित कराओके स्पर्धा का आयोजन किया गया। मंच पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया और विभिन्न गीतों के माध्यम से माहौल को सुरमयी बना दिया। कार्यक्रम में खरगोन के प्रसिद्ध गायक विनय जोशी जो वॉइस ऑफ किशोर " के नाम से जाने जाते हैं,ने किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि श्रोता पुराने दौर के संगीत में खो गए। ‘मैं हूं झूम झूम झुमरू’, ‘चला जाता हूं’, ‘पल पल दिल के पास’, ‘रिमझिम गिरे सावन’ 'नखरे वाली' सहित कई लोकप्रिय गीतों ने खूब तालियां बटोरीं। महाराष्ट्र समाज के प्रवक्ता अमित बागलीकर ने बताया कि विनय जोशी पिछले 48 वर्षों से किशोर कुमार के गीतों को अपनी आवाज दे रहे हैं, और 200 से अधिक गीत उन्हें कंठस्थ हैं। किशोर कुमार के गीतों की प्रस्तुतियों के लिए उन्हें कई सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। कराओके स्पर्धा में महाराष्ट्र समाज देवास के स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। सुभाष दरकदार, प्रेरणा दीवान, हेमांगी सुरंगे, दिलीप तिलक, राजेश सरवटे, भाग्यश्री मुंशी, संतोष दरकदार, रेखा ढवले, राजसी केलकर, शशिकांत पंडित, जयदीप दरपे और सुनीता डगांवकर सहित अन्य प्रतिभागियों ने गीतों की प्रस्तुतियां देकर संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया। निर्णायक अजय सोलंकी और पूर्वा अग्निहोत्री के निर्णय के अनुसार भाग्यश्री मुंशी ने प्रथम, हेमांगी सुरंगे ने द्वितीय और दिलीप तिलक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि तहसीलदार नजूल एवं भू-संसाधन प्रबंधन जिला देवास राजेश सरवटे और गायक विनय जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत न्यासी मिलिंद वैद्य, अनिल बेलापुरकर, डॉ. अतुल बिडवाई और शीलनाथ आरस ने किया। संचालन निलिंद म्हाड़गुत ने किया। कार्यक्रम संयोजक मंदार मुळे रहे तथा आभार दीपक कर्पे ने माना।

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