समाज और देश की उन्नति के लिए कंस प्रवृतियों का अंत जरूरी,,
शनिवार को भागवत कथा पूर्णाहुति
देवास।समाज और देश की उन्नति के लिए कंस प्रवृतियों का अंत जरूरी है। यह विचार श्री रामद्वारा में भागवत कथा में महंत स्वामी रामनारायण जी ने प्रकट किए।उन्होंने कहा कि जब भी पृथ्वी पर राक्षसी प्रवृत्तियां बढ़ती है ईश्वर अवतार लेते हैं और धर्म की विजय होती है ।
जिस प्रकार ऋषि दधीचि ने वृत्तासुर राक्षस का नाश करने के लिए अपने शरीर का बलिदान दिया, उसी प्रकार देश और धर्म की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
भगवान श्री कृष्ण ने उज्जैन में संदीपनी ऋषि के आश्रम में विद्या अध्ययन किया।
महंत जी ने कहा कि मोह जीवन को पतन की और ले जाता है तथा ईश्वर के प्रति भक्ति हमारा उत्थान करती है।
आनंद विभाग कोऑर्डिनेटर डॉक्टर समीरा नईम दीदी का श्री राम द्वारा में भागवत कथा में महंत स्वामी रामनारायण जी , के पी कॉलेज प्रोफेसर डॉक्टर सीमा सोनी,एवं समस्त भक्त मंडल द्वारा शाल श्री फलभेंट करकेअभिनंदन किया गया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। महंत जी ने कहा कि समीरा नईम दीदी ने अपने सेवा काल में शासन ,प्रशासन एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है जो सभी के लिए अनुकरणीय है।
सभी भक्तों को राम नाम लेखन हेतु पुस्तिका वितरित की गई।
शनिवार को भागवत कथा की पूर्णाहुति होगी और रात्रि जागरण होगा जिसमें राम स्नेही भक्त मंडल द्वारा भजन प्रस्तुत किए जाएंगे।
कथा का समय दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक रखा गया है।

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