महावीर धाम में दशलक्षण महापर्व पर उत्तम मार्दव धर्म की आराधना,
देवास। श्री महावीर धाम दिगंबर जैन मंदिर, साईं विहार कॉलोनी में पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व पूज्य आर्यिका श्री 105 समिति श्री माताजी, पूज्य छूल्लिका श्री 105 विभक्ति श्री माताजी एवं पूज्य छूल्लिका श्री 105 विरासत श्री माताजी के पावन सानिध्य में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। महापर्व के प्रथम दिवस उत्तम क्षमा धर्म की आराधना के पश्चात गुरुवार को दूसरे दिवस उत्तम मार्दव धर्म की आराधना की गई। पूज्य माताजी ने प्रवचन में कहा कि मार्दव का अर्थ मान एवं अहंकार का त्याग कर विनम्रता को जीवन में धारण करना है। मनुष्य को अपने ज्ञान, धन, पद, प्रतिष्ठा अथवा सामर्थ्य का अहंकार नहीं करना चाहिए। वास्तविक महानता विनम्रता में है। मार्दव धर्म सभी जीवों के प्रति समानता, सरलता एवं मधुर व्यवहार की प्रेरणा देता है। महापर्व के शुभारंभ अवसर पर ध्वजारोहण का सौभाग्य हुकमचंद छाबड़ा परिवार, सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य संजय अंतिमबाला कटारिया परिवार, धूप घट स्थापना का सौभाग्य डॉ. प्रमोद जैन, आरती स्थापित करने का सौभाग्य ऐश्वर्य जैन, जवाहर नगर परिवार, शांतिधारा का सौभाग्य संजय एवं स्वाति जैन भाईजी परिवार एवं हुकमचंद, कमलेश, निलेश एवं अर्पित छाबड़ा परिवार को प्राप्त हुआ। दशलक्षण महापर्व में क्रमशः उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की जा रही है। समाज अध्यक्ष संजय जैन भाईजी ने बताया कि पूज्य आर्यिका श्री 105 समिति श्री माताजी ससंघ का देवास नगर में प्रथम बार चातुर्मास हो रहा है। माताजीगण के सानिध्य में अनेक समाजजन उपवास, व्रत एवं विभिन्न तप साधनाएं कर रहे हैं। प्रतिदिन प्रातः 6 बजे ध्यान, 7 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 7.30 बजे से पूजन एवं दशलक्षण महामंडल विधान, 9 बजे से मंगल प्रवचन, 10 बजे आहार चर्या, दोपहर 2 बजे तत्त्वार्थ सूत्र वाचन एवं विधान, शाम 7 बजे मंगल आरती, 7.30 बजे से मंगल प्रवचन तथा रात्रि 8.30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिवस उत्तम मार्दव धर्म की आराधना के दौरान समाजजनों ने अहंकार का त्याग कर विनम्रता, सरलता एवं आत्मचिंतन को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। मंदिर परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में सहभागी होकर धर्मलाभ ले रहे हैं। ट्रस्ट सचिव राजेश शाह ने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सभी धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का लाभ लेने की अपील की है।

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