लाल गेट के राजा के पंडाल में गूंजा भगवान महावीर स्वामी का संदेश-जियो और जीने दो
-सकल जैन समाज ने की आरती, अहिंसा स्तंभ की सौगात के लिए सभापति रवि जैन का किया बहुमान,,
-अहिंसा स्तंभ के साथ ही पंडाल में मनाया गया दीपोत्सव,,
देवास। लाल गेट के राजा के पंडाल में बुधवार रात को धर्म का अनूठा संगम दिखा। एक तरफ लाल गेट के राजा की भक्ति में श्रद्धालु लीन थे तो दूसरी ओर भगवान महावीर का जियो और जीने दो का संदेश गूंज रहा था। दीपकों से पंडाल को सजाया गया था और गणपति बप्पा मोरया के साथ त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की....के जयघोष लग रहे थे। सनातन धर्म की इस भव्यता के साक्षी हजारों लोग बने। धर्म के इस संगम में भजनों ने और मिठास घोली, जिसमें श्रद्धालु झूमते रहे।
संस्था सिद्धिविनायक की पूरी टीम आयोजन की व्यवस्था में जुटी है। अब तक किसी तरह की परेशानी नहीं और पूरी व्यवस्था सुचारू रही। प्रतिदिन की तरह बुधवार रात को महाआरती हुई, जिसमें सकल जैन समाज के पदाधिकारी सम्मिलित हुए। अन्य विशिष्टजन ने भी आरती की। आरती में सम्मिलित सकल जैन समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि हमारे लिए यह दोहरी खुशी का दिन है। एक तो लाल गेट के राजा की आरती में सम्मिलित होना सौभाग्य है तो दूसरा अहिंसा स्तंभ का लोकार्पण हुआ। इसके लिए संस्था संयोजक व नगर निगम सभापति रवि जैन साधुवाद के पात्र हैं, जिनके प्रयासों से भगवान महावीर के अहिंसा के संदेश को पूरा शहर आत्मसात करेगा।
भजनों ने बांधा समां
आरती के बाद भजन गायक आकाश अग्रवाल की भजन संध्या हुई। अपनी सुरीली वाणी में आकाश अग्रवाल ने सुंदर भजन सुनाए। उनके भजनों में यह विशेषता भी रही कि सभी से अपने माता-पिता की स्तुति करवाई और उनके सम्मान में तालियां बजवाईं। इतना ही नहीं, संस्था संयोजक रवि जैन के लिए भजन लिखा, जिसमें लाल गेट के राजा की विशेष कृपा का उल्लेख था। कहा कि मेरा जीवन गुजर रहा है...लाल गेट के राजा तेरी छाया में...। इसे सभी ने सराहा और भजनों पर नृत्य भी किया।
जय बोलो महावीर की....
आयोजन के पहले अहिंसा स्तंभ के सम्मुख सकल जैन समाज के पदाधिकारियों ने दीप जलाकर खुशियां मनाई। इस सौगात को शहर के लिए अमूल्य बताया। इसके अलावा संस्था के पंडाल में दीपोत्सव मनाया। सभापति रवि जैन का बहुमान किया। कहा कि जैन समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि अहिंसा स्तंभ की जो सौगात सभापति ने दिलवाई है, उसके लिए पूरा जैन समाज आभारी है। सम्मान के बाद रवि जैन ने त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की...जियो और जीने दो के जयघोष कर कहा कि जैन समाज की यह खूबी है कि यहां क्षमायाचना पर्व के रूप में मनाया जाता है। यहीं से जिंदगी रीस्टार्ट होती है। भगवान महावीर ने अहिंसा और जियो व जीने दो का जो संदेश दिया वह पूरे विश्व में गूंजता है। हमें हिंसा नहीं करना,जीव हत्या नहीं करना है, किसी का दिल नहीं दुखाना है। यही संदेश अहिंसा स्तंभ से दिया जाएगा। इसे पीढ़ियां देखेंगी तो स्मरण करेगी कि हमें सदैव अहिंसा के मार्ग पर चलना है। उन्होंने पंडाल में उपस्थित सर्वसमाज के लोगों का आभार माना और कहा कि जिस तरह आप सभी का सहयोग मिला, उसी से यह संभव हो सका है।

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