अपनी कमाई सूखी रोटी में जो सुख मिलता है, वह पराई चुपड़ी में भी नहीं- सद्गुरु मंगलनाम साहेब देवास। पराई चुपड़ी रोटी देखकर मन को मत ललचाओं, …
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