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अब लौट रही साइबर फ्रॉड में गई धनराशि पुलिस द्वारा संचालित “ऑपरेशन सायबर” के तहत एक और सफलता

अब लौट रही साइबर फ्रॉड में गई धनराशि पुलिस द्वारा संचालित “ऑपरेशन सायबर” के तहत एक और सफलता

देवास: पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद द्वारा *360-पुलिसिंग* के अन्तर्गत ज़िलेवासियों को सायबर फ्रॉड से राहत प्रदान करने हेतु *“ऑपरेशन सायबर”* प्रारंभ किया है । इस अभियान के अंतर्गत सर्वप्रथम ज़िला स्तरीय सायबर सेल के माध्यम से प्रत्येक थाना पर पदस्थ दो-दो पुलिसकर्मियों को “सायबर-मित्र” के रूप में चिह्नित कर उन्हें सायबर फ्रॉड संबंधी मामलों में त्वरित कार्यवाही हेतु प्रशिक्षित किया गया है एवं ज़िला स्तरीय साइबर तंत्र गठित किया गया है । प्रत्येक थाना स्तर पर प्रतिदिन “पुलिस चौपाल” आयोजित कर पुलिस गाँव-मोहल्ला-क़स्बा-वॉर्ड में जनता को सायबर फ्रॉड से बचने के उपाय और सायबर फ्रॉड होने पर तत्काल 1930 या 100 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराने हेतु प्रेरित कर रही है ।
    इसी अनुक्रम में 30 नवंबर 2024 को आवेदक अजय सिंह निवासी टोंकखुर्द ने सायबर फ्रॉड के ज़रिए 51,000/- रुपये ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी । जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुवे थाना टोंकखुर्द पर पदस्थ साइबर मित्र आर 989 दीपक,आर 976 विशाल द्वारा आवेदक से चर्चा कर फ्रॉड संबंधित जानकारी निर्धारित फॉर्मेट में प्राप्त की एवं ज़िला सायबर सेल को प्रेषित की जहां से उक्त जानकारी एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज की गई और सतत मॉनिटरिंग की गई ।
टोंकखुर्द थाना सायबर मित्र और ज़िला स्तरीय सायबर सेल द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही के चलते आवेदक की फ्रॉड गई राशि 30,000/- रुपये को होल्ड करवाने में सफलता प्राप्त की गई जिसे अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालयीन आदेश के द्वारा आवेदक के खाते में पुनःलौटाया जाएगा ।
   देवास पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद ने बताया कि जहां एक तरफ़ सायबर फ्रॉड से बचने हेतु अनजान कॉलर को कोई भी निजी जानकारी शेयर ना करना और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करना ही सर्वोत्तम उपाय है, वहीं दूसरी तरफ़ सायबर फ्रॉड होने पर तत्काल सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या डायल 100 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की अपील भी देवास जिलेवासियों से की है ।
पुलिस कप्तान के अनुसार *“ऑपरेशन साइबर”* की ख़ास बात यह है कि अब साइबर फ्रॉड होने पर आवेदक को दर-दर भटकने के ज़रूरत नहीं रही । जैसे ही फ्रॉड होता है , आवेदक को मात्र डायल 100 या 1930 पर कॉल करना होता है । कॉल प्राप्त होते ही थानों पर पदस्थ साइबर मित्र और ज़िला साइबर सेल ऐक्टिव हो जाते हैं और आवेदक से संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर एनसीआरपी पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं । इस प्रकार साइबर फ्रॉड पीड़ितों को घर बैठे एक कॉल पर देवास ज़िला पुलिस राहत प्रदान कर रही है जिसका बेहद सकारात्मक फीडबैक जनता से प्राप्त हो रहा है । ज़िले में सायबर फ्रॉड के प्रत्येक मामले पर विशेष ध्यान देकर तत्काल फ्रॉड गई राशि को ना सिर्फ़ फ्रीज़ करवाया जा रहा है बल्कि विस्तृत रिपोर्ट बनाकर माननीय न्यायालय में पेश करते हुवे फ्रॉड गई राशि को पुनःआवेदक के खाते में भी लौटाया जा रहा है । 
उल्लेखनीय है कि जिले वासियों को सायबर फ्रॉड से बचाने हेतु पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोद द्वारा जारी "ऑपरेशन सायबर" के तहत ज़िला पुलिस सायबर सेल ने 1 नवंबर 2024 से लेकर आज दिनांक तक कुल 3,90,312/- रुपये की ठगी गई राशि पुनःपीड़ितों के खाते में लौटाई  है एवं विभिन्न शिकायतों मे 14,34,015/- रुपये की राशि को होल्ड भी कराया है जिसे अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर आवेदकों को लौटाया जाएगा।
पुलिस कप्तान ने बताया कि 1 नवंबर 2024 से जारी “ऑपरेशन सायबर” के तहत अब तक कुल 195 सायबर फ्रॉड शिकायतें प्राप्त हुई हैं,जिनमे त्वरित कार्यवाही करते हुवे कुल 70 मामलो में पुलिस ने राशि होल्ड करवाने में सफलता प्राप्त की है । इस प्रकार साइबर फ्रॉड मामलो में रिकॉर्ड 36% सक्सेस-रेट प्राप्त करते हुवे देवास पुलिस लगातार पेशेवर रूप में आगे बढ़ रही है।
उक्त कार्य में सराहनीय योगदान निरी.आलोक सोनी,प्रआर सचिन चौहान ,प्रआर.गीतिका कानुनगो ,आर मोनू राणावत,राहुल बडोले ज्‍योति कुमावत का रहा!

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