Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Recent Updates

6/recent/ticker-posts

देवास जिले में वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत 08 मार्च को

देवास जिले में वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत 08 मार्च को
     देवास 03 मार्च 2025/[शकील कादरी] राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्‍य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अजय प्रकाश मिश्र के मार्गदर्शन में 08 मार्च शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों में वृहद स्तर पर इस वर्ष की प्रथम ’नेशनल लोक अदालत’ का आयोजन किया जायेगा। 

     देवास जिले के नागरिक संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर नेशनल लोक अदालत में राजीनामा कर प्रकरण का निराकरण करा सकते हैं। लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर मामले का शीघ्र और बिना किसी व्यय के निराकरण होता है, इससे पक्षकारों के बीच का प्रेम और स्नेह बना रहता है।  नेशनल लोक अदालत में दीवानी एवं चैक अनादरण से संबंधित प्रकरणों में न्याय शुल्क की राशि की नियमानुसार वापसी होती है जिससे पक्षकारों को अतिरिक्त लाभ होता है। अधिक से अधिक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठायें।

     सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास श्री रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि 08 मार्च को देवास मुख्यालय एवं तहसील सोनकच्छ, बागली, कन्नौद, खातेगांव एवं टोंकखुर्द के न्यायालयों में वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत आयोजित की जा रही है। नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित एवं वादपूर्व समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण मामले, विद्युत चोरी प्रकरण, चेक बाउन्स, बैंक रिकवरी, श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, भू-अर्जन, नगर निगम के जलकर एवं संपत्तिकर, बीएसएनएल के प्रकरण आदि विषयक प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। 

     संपूर्ण जिले में अब तक समस्त न्यायालयों 3790 लंबित प्रकरण एवं 2675 प्रिलिटिगेशन के प्रकरण नेशनल लोक अदालत में निराकरण के लिए चिन्हित किए गए हैं। उक्त प्रकरणों के निराकरण के लिए समस्त संबंधित पक्षकारों को सूचना पत्र जारी कर दिए गए हैं। नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए संपूर्ण जिले में बीमा कंपनियों, विद्युत विभाग, बैंक, नगर निगम आदि के साथ 35 प्रिसिटिंग आयोजित की गई हैं। नेशनल लोक अदालत में बीमा कंपनियों, विद्युत कंपनी, बैंक, नगर निगम एवं बीएसएनएल के प्रकरणों के निराकरण हेतु संबंधित अधिकारीगण न्यायालय परिसर में ही स्टॉल लगाकर उपस्थित रहेंगे। 

     नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों एवं प्रिलिटिगेशन प्रकरणों एवं बैंक रिकवरी के प्रिलिटिगेषन प्रकरणों में संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार विशेष छूट दी जाएगी।

Post a Comment

0 Comments

Join Our WhatsApp Group? for latest and breaking news updates...
Click here to join the group...