वार्षिक वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर करीब एक हजार आशाओं ने नारेबाजी कर सौंपा ज्ञापन
- मांगे पूरी नही होने पर अनिश्चितकालीन हडताल पर जाने की दी चेतावनी
देवास। आशा, उषा, आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा मप्र के प्रदेश आव्हान पर जिलेभर की करीब एक हजार से अधिक आशा कार्यकर्ताओं ने वार्षिक वेतन वृद्धि का तुरंत भुगतान किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर सोमवार को जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र की मिशन संचालक के नाम ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष सुनीता चौहान एवं महामंत्री भगवंता सेप्टा ने बताया कि आशा, अपने नाम के मुताबिक मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महिला स्वास्थ्य की रीढ़ भी है और गर्भवतियों के लिए उनके जीवन के सबसे अहम समय में उम्मीद भी। लेकिन सरकार की वादाखिलाफी से नाराज आशा कार्यकर्ता अब सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुकी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश में 29 जुलाई 2023 को भोपाल में विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति तथा हजारों आशा एवं पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में आयोजित महासम्मेलन मे तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आशा एवं पर्यवेक्षकों के लिए 1000 रूपए का वार्षिक वेतन वृद्धि की घोषणा की थी और 2 अगस्त 2023 को इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा विधिवत आदेश जारी भी किया गया था, लेकिन लंबे समय के बाद भी इसका भुगतान नही किया जा रहा है। साथ ही 1000 रूपए की वेतन वृद्धि लागू भी नही की जा रही है। हम आशा, उषा कार्यकर्ताओं की मांग है कि आंगनवाडी की तरह आशा एवं पर्यवेक्षकों का 1000 रूपए वार्षिक वेतन वृद्धि का जुलाई 2024 से एरियर्स सहित तुरंत भुगतान किया जाए। आशाओं का वेतन प्रत्येक माह की 5 तारीख तक, बिना कटौती के नियमित रूप से भुगतान करने के निर्णय को सख्ती से लागू किया जाए। आशाओं का निश्चित वेतन बेहद कम है। इसे बढाकर 10 हजार रूपए प्रतिमाह किया जाए। पर्यवेक्षकों को यात्रा भत्ता प्रदान किया जाए। दुर्घटना में घायल आशा एवं पर्यवेक्षकों का नि:शुल्क इलाज कराया जाए एवं मृत्यु होने पर 2 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। आकस्मिक अवकाश एवं रविवार का अवकाश प्रदान किया जाए आदि अन्य मांंगे शामिल है। आशा एवं पर्यवेक्षकों ने मांग की है कि शीघ्र ही वार्षिक वेतन वृद्धि का भुगतान के संबंध में निर्णय नही लिया गया तो संयुक्त मोर्चा प्रदेशव्यापी हडताल सहित आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस अवसर पर अनुराधा लोधी, अनित सिंह, दीपसिखा भावसार, श्रीमती कौसर, वर्षा दरबार, विमला घावरी, माया परिता, श्रीमती मधु, ज्योति यादव, जरीना शेख, मंजू उईके, श्रीमती देवकी, सविता चौहान, सम्पत कर्मा, भागवती इवने, अमीना बाजी, आशा परमार, अरूणा परमार, श्रीमती नीतु सहित बडी संख्या आशा एवं पर्यवेक्षक उपस्थित थे।

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