आदिवासी अधिकार दिवस पर जयस बिरसा ब्रिगेड देवास ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
देवास। जयस बिरसा ब्रिगेड देवास के युवाओं द्वारा भारत आदिवासी समन्वय परिषद के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत आदिवासी अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट देवास पहुंचकर शनिवार को तहसीलदार सपना शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया।
सामाजिक कार्यकर्ता राकेश देवडे़ बिरसावादी द्वारा बताया गया कि सयुंक्त राष्ट्र संघ ने 13 सितंबर 2007 को आदिवासी अधिकार दिवस की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य था आदिवासियों की जल जंगल, जमीन संस्कृति, भाषा, बोली, पहचान, औपचारिक अभिव्यक्ति, शिक्षा स्वास्थ, रोजगार एवं अन्य मुद्दों पर उनका स्वामित्व, हक अधिकारों को मजबूती प्रदान हो।
ज्ञापन में आदिवासी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने,आदिवासी क्षेत्रों में अंग्रेजी शराब के व्यापार पर रोक लगाने, पांचवी एवं छठवीं अनुसूची की समीक्षा पर उच्च स्तरीय संवैधानिक आयोग गठित करने, जनगणना में स्वतंत्र धर्म कालम कोड रखने, विश्व आदिवासी दिवस का अवकाश 9 अगस्त को घोषित करने, जिला स्तरीय जनजाति सलाहकार परिषद का गठन करने, एक राष्ट्र एक शिक्षा प्रणाली लागू करने, वनों में पारंपरिक आवागमन और वन अधिकार, आदिवासी क्षेत्रों में पारंपरिक रूढ़िवादी ग्राम सभा, पेसा कानून, सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट, एससी एसटी एक्ट, वनाधिकार कानून की जानकारी रखने वाले अधिकारीयों कर्मचारियों को पदस्थ करने का नियम बनाने इत्यादि मांगे रखी गई है। इस अवसर पर कपिल पर्ते,सुखराम बामनिया, मुकेश बामनिया, राकेश मुजाल्दे,राहुल मौर्य, मुकेश सोलंकी, जितेन्द्र भूरिया, सूरज डोडवे, मंशाराम इत्यादि सहित समाजजन उपस्थित थे।
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