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संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने किसान कल्‍याण वर्ष-2026 के तहत जिले में आधुनिक पद्धतियों से खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों में जाकर फसलों का अवलोकन किया

संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने किसान कल्‍याण वर्ष-2026 के तहत जिले में आधुनिक पद्धतियों से खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों में जाकर फसलों का अवलोकन किया
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बैलेंस शीट वाले किसान के खेतों का अवलोकन कर अधिकारी भी हुए आश्चर्यचकित
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30 हजार रूपये की लागत से 03 लाख की आय प्राप्‍त करने वाले किसान श्री कैलाश ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को दिल से धन्यवाद कहा

     देवास 25 फरवरी 2026 [शकील कादरी] संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने आज देवास जिले के विभिन्‍न गांवों में पहुंचकर आधुनिक पद्धतियों से खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों में जाकर फसलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती ज्योति शर्मा, अपर कलेक्टर श्री संजीव कुमार जैन, एसडीएम देवास श्री अभिषेक शर्मा, उपसंचालक कृषि श्री गोपेश पाठक, उप संचालक उद्यानिकी श्री राजू बड़वाया, आत्‍मा से एमएल सोलंकी, मण्‍डी सचिव श्री अरविंद परिहार सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित थे।

     इस दौरान संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने ग्राम मेंढकी धाकड़ के किसान श्री जगदीश नागर द्वारा आधुनिक पद्धति से की जा रही खेती का अवलोकन किया। किसान श्री आशीष सिंह से आधुनिक पद्धति से की जा रही खेती के संबंध में जानकारी ली। किसान श्री जगदीश नागर द्वारा बताया कि 05 हजार वर्ग फीट जमीन से 55 हजार रूपये की लौकी का उत्‍पादन कर रहे है। पहले वह पारम्‍परिक फसलें लगाते थे, लेकिन उनको इससे ज्‍यादा मुनाफा नहीं होता था। परन्‍तु जब से उन्‍होंने उद्यानिकी फसलों की खेती करना प्रारम्‍भ किया, तब से अच्‍छा मुनाफा हो रहा है। उन्‍होंने खेत में टमाटर, ड्रैगन फुड, गोभी, धनिया, खरबूजा आदी फसलें आधुनिक पद्धति के माध्‍यम से की जा रही है। वे खेतों में सिंचाई के लिए ड्रीप, और मल्चिंग खेती पद्धति का उपयोग कर रहे हैं। किसान श्री नागर साल में तीन फसल ले रहे हैं। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कृषक श्री नागर द्वारा आधुनिक पद्धति से की जा रही खेती की सराहना भी की।
     संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने ग्राम जामगोद में किसान श्री कैलाश पटेल किये जा रहे केंचुआ खाद उत्पादन कार्य अवलोकन किया। इस दौरान किसान श्री कैलाश पटेल ने बताया कि 30 हजार रूपये की पूंजी लगाकर काम शुरू किया। उन्‍होंने मेहनत व सही तकनीक से इसे 03 लाख रूपये के टर्नओवर वाले मुनाफे के व्यवसाय में बदल दिया। किसान श्री कैलाश पटेल ने बताया कि वे जैविक एवं कैचुआ खाद 06 रूपये प्रतिकिलो दर पर विक्रय कर रहे है। कैचुओं को 500 रूपये प्रतिकिलो की दर पर विक्रय कर रहे है। किसान श्री कैलाश पटेल के इस नवाचारिक प्रयासों से उनसे कई किसान जुड कर जैविक खेती कर रहे है। इस दौरान किसान श्री कैलाश पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर नवाचार अपनाने के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया। संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने किसान कैलाश पटेल से खाद बनाने की प्रक्रिया को समझा और अन्य जानकारी भी ली। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि जैविक खेती और आत्मनिर्भर भारत के विजन का एक बेहतरीन उदाहरण हैं।

     ग्राम अरनिया जागीर तहसील सोनकच्छ के किसान नारायण सिंह सेंधव के खेत पर पहुंचकर संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह और कलेक्टर ऋतुराज भी आश्चर्य चकित रह गए जब किसान ने बताया कि वह खेती को उद्योग के रूप में कर रहे हैं। हर काम की बैलेंस शीट तैयार है कब पौधा लिया, कितना खर्चा हुआ, कब पानी दिया, कब खाद दी। किसान नारायण सिंह सेंधव ने आधुनिक खेती की नई परिभाषाओं को गढ़ते हुए जो बातें बताई वह वास्‍तव में आश्‍चर्यचकित करने वाली थी। नारायण सिंह बताते हैं कि वह साल में एक एकड़ में 8 लाख रुपए तक का करेला बेच देते हैं। उनकी करेला फसल को मंगलवार के दिन 80 रूपये किलो के हिसाब से मंडी में खरीदा गया है, जल्दी सफेद करेले की फसल भी उनके तैयार हो जाएगी जिसको अनुमानित 105 से 110 रूपये किलो के हिसाब से विक्रय कर पाएंगे।

     किसान नारायण सिंह सेंधव ने बताया कि इसके साथ ही उन्होंने फसलों के पौधे बनाने की लिए 15 लाख की सीडलिंग मशीन भी खरीदी है। जिससे यह एक दिन में चार लाख से अधिक सीडलिंग कर 20 दिन में पौधे तैयार कर लेते हैं। उन्‍होंने बताया कि सात जिलों के किसान उनसे जुडकर पौधे क्रय कर आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं। पौधों को बीमारियों से बचने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। किसान श्री नारायण सिंह ने बताया कि उनके द्वारा जो बीज लगाए जाते हैं उनमें 90 प्रतिशत से अधिक पौधों का अंकुरण होकर विक्रय के लिए तैयार हो जाते हैं, उन्हें पोलिनेशन और नेटनेशन के माध्यम से पौधों को जीवित रखने के लिए अलग पद्धतियां उपयोग की हैं। उद्यानकी  विभाग के द्वारा उनको शासन की योजना से राशि भी अनुदान राशि के रूप में प्रदान की गई। किसान श्री नारायण सिंह ने बताया कि उन्‍होंने खेती को भी उद्योग के रूप में लिया है और 14 हेक्टेयर के खेत से साल में 20 से 25 लाख रुपए तक की आय बड़े आराम से निकाल लेते है। उनके द्वारा 40 से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया है, 06 सुपरवाइजर भी रखें है जो लगातार हर काम की मॉनीटरिंग करते रहते हैं। संभाग आयुक्‍त श्री सिंह ने किसान के खेत पर पॉलीहाउस एवं सेडनेट में विकसित हो रहे पौधों का अवलोकन भी किया। किसान ने इजराईल पद्धति पर आधारित विकसित फसलों का अवलोकन कराया। किसान श्री नारायण सिंह खेतों में सिंचाई के लिए ड्रीप, और मल्चिंग खेती पद्धति का उपयोग कर रहे हैं।

     संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह एवं कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने गंधर्वपुरी स्थित किसान श्री रविंद्र कुशवाहा द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बनाए जा रहे जैविक खेती के लिए नवाचार आधारित समाधानों का अवलोकन भी किया। किसान श्री रविंद्र कुशवाहा मिट्टी सुधारक, किट प्रबंधन के जैविक घोल एवं जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत जैसे प्राकृतिक उत्‍पाद बनाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे है। किसान श्री कुशवाहा के इस नवाचारित प्रयासों से लगभग 200 से 300 किसान प्रोत्‍साहित हुए एवं खेती में प्राकृतिक उत्‍पादों उपयोग कर रहे है।

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