देवास। कड़ाके की ठंड और अभावों के बीच जब सेवा का हाथ बढ़ता है, तो वह न केवल शरीर को गर्माहट देता है बल्कि समाज के प्रति विश्वास भी जगाता है। स्थानीय चिमनाबाई स्कूल में एक ऐसा ही प्रेरक प्रसंग सामने आया है, जहाँ एक सेवाभावी परिवार ने अपनी पहचान गुप्त रखते हुए स्कूल की 350 छात्राओं को निःशुल्क स्वेटर वितरित किए।
वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान
विद्यालय के प्राचार्य राजू सातपुते ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में कई छात्राएं ऐसी थीं, जिनके पास यूनिफॉर्म के स्वेटर नहीं थे। आर्थिक अभाव के कारण ये छात्राएं या तो बिना स्वेटर के स्कूल आती थीं या फिर अलग-अलग रंगों के स्वेटर पहनकर आती थीं, जिससे विद्यालय की एकरूपता प्रभावित होती थी। यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई थी।
स्वतः संज्ञान लेकर की पहल
जब इस समस्या की जानकारी एक उदार हृदय वाले परिवार को लगी, तो उन्होंने विद्यार्थियों के प्रति अपनी सद्भावना प्रकट करते हुए स्वतः संज्ञान लिया। परिवार की इच्छा के अनुसार उनका नाम उजागर नहीं किया गया है। उन्होंने विद्यालय की गरिमा और छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित यूनिफॉर्म वाले 350 स्वेटर भेंट किए।
आयोजन और आभार
इस पुनीत कार्य के लिए आयोजित कार्यक्रम का कुशल संयोजन संजय जोशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में बाबूलाल भाटी ने दानदाता परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे निस्वार्थ सेवा कार्य समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।

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