कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित
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देवास 26 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री अंशु जावला, सीएमएचओ डॉ सरोजनी जेम्स बेक, सिविल सर्जन डॉ आर.पी. परमार, महिला बाल विकास अधिकारी श्री साबिर अहमद सिद्धिकी, समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रम नोडल अधिकारी, बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम, बीईई, सीडीपीओ सहित स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर उपस्थित थे। बैठक में सभी एसडीएम वीसी के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने शिशु स्वास्थ्य एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत बच्चों एवं महिलाओं का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सेवाओं प्रदायगी, आयुष्मान योजना सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम मिशन परिवार विकास कार्यक्रम, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनआरसी, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, एसएनसीयू, एनसीडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, सहित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने निर्देश दिए कि एनीमिक गर्भवती महिलाओं को ब्लड ट्रान्सफ्यूजन कराने पर 500 रुपये तत्काल दिये जाएं। कलेक्टर श्री सिंह ने बाल मृत्यु की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने वाले आरोग्यम मंदिर दतोत्तर सीएचओ श्री राहुल, एएनएम श्रीमती भारती खत्री की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने एवं आशा कार्यकर्ता श्रीमती अंनिता की प्रोत्साहन राशि में कटोत्रा करने के निर्देश दिये। उन्होंने जहां-जहां पर बाल मृत्यु हुई है उन सभी प्रसव केंद्रों की नर्सिंग ऑफिसर की 2-2 वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम समीक्षा में सोनकच्छ ब्लॉक की समीक्षा में 70 प्रतिशत से कम एएनसी पंजीयन करने वाली सभी एएनएम और सीएचओ की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। एचबीएनसी कार्यक्रम में होम विजिट नही करने वाली आशा कार्यकर्ताओं का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये। एएनएम श्रीमती रेखा मालवीय की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये। मातृ मृत्यु संबंधी प्रकरणों मे लापरवाही बरतने वाली 3 आशाओं द्वारा फर्जी रिपोर्टिग करने पर 15 दिन का मानदेय काटने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने गर्भवती महिलाओं के खान-पान की जांच करवाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला से लेकर नवजात की सेवा प्रदायगी में आशा की मुख्य भूमिका है। ब्लॉक अकाउन्ट मैनेजर, सीएचओ, मेडिकल ऑफिसर द्वारा प्रसव कराने वाली गर्भवती महिलाओं की मानिटरिंग की जाये। प्रीमेच्योर डिलेवरी की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। गर्भवती महिलाओं में एएनसी पंजीयन की स्थिति के संबंध में सोनकच्छ में पंजीयन कम होने पर निर्देश दिये कि जहां ए.एन.एम पदस्थ नही है, वहां सीएचओ से कार्य करवाये।
कलेक्टर श्री सिंह ने 40 प्रतिशत से कम ए.एन.सी. पंजीयन पर सोनकच्छ की एएनएम की 2-2 वेतनवृद्धी रोकने के निर्देश दिये। जहां एएनएम नहीं है वहां सीएचओ की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सीवियर एनीमिक प्रबंधन में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यकर्ता को स्तनपान, एनीमिया स्क्रीनिंग, खानपान परामर्श संबंधित प्रशिक्षण रोस्टर तैयार करें। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि लडकियों का बाल विवाह होने पर आंगनवाडी कार्यकर्ता निलम्बित होंगी। वीएचएनडी पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता 2 बजे के बाद हितग्राहियों के घर-घर जाए और सेवायें दे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि नवजात की देखभाल बहुत जरूरी है इसलिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करें की नवजात को सेनेटाईज नए टॉवेल में लपेट कर रेफर करें। स्वास्थ्य संस्थाओं से रेफर करते समय रिसीविंग डॉक्टर से बात अनिवार्य रूप से करें। एचबीएनसी में किसी भी प्रकार की बीमारी की स्थिति के संबंध में तत्काल जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञों को सूचित करें। एनआरसी में बेड ऑक्यूपेंसी बढाने के निर्देश दिये। निक्षय पोर्टल पर एंट्री नही करने पर एक्स-रे टेक्नीशियन श्री विमल पाटीदार का 10 दिनों का वेतन काटने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने आयुष्मान कार्ड, एनसीडी एवं एनक्यूएएस की भी समीक्षा भी की। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सीएचओ को लक्ष्य आवंटित करने के निर्देश दिये। आरबीएसके कार्यक्रम के तहत 10 से 19 साल के बच्चों की विशेष काउंसलिंग के निर्देश दिये। उन्होंने संकल्प से समाधान अभियान के तहत 15 दिन तक केम्प आयोजित कर विकलांगता प्रमाण-पत्र बनाने के निर्देश दिये। समीक्षा बैठक में पिछली जिला स्वास्थ्य समिति में दिए गए निर्देशों का पालन प्रतिवेदन एवं कार्यवाही विवरण डीपीएम श्रीमती कामाक्षी दुबे द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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