शिवपुर मातमोर जैन तीर्थ समीप बस्ती निर्माण पर जैन समाज में गहरा आक्रोश,,
जैन समाज ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
देवास। देवास जिले के भारत भर में विख्यात चापड़ा के समीप शिवपुुर मातमोर जैन तीर्थ असामाजिक एवं हिंसक गतिविधियों से घिरता हुआ दृष्टिगत हो रहा है। इसको लेकर संपूर्ण जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अहिंसक समाज के लिए तीर्थ स्थल के समीप इस प्रकार की गतिविधियां असहनीय है। प्रशासन द्वारा मातमोर से विस्थापित कई परिवारों की शिवपुर जैन तीर्थ के समीप बस्ती बनाकर घर बनाने का आदेश जारी किया गया है। इस हेतु प्रशासनिक कार्यवाही भी प्रारंभ हो चुकी है। पूज्य आचार्य श्री वीररत्न विजयजी म.सा. एवं जैन समाज के अथक प्रयासों से आज यह तीर्थ भारत भर में साधना, आराधना एवं तप स्थली के रूप में विख्यात हो चुका है। वर्ष भर में हजारों भक्त यहां पर साधना, आराधना एवं तीर्थ यात्रा करने आते है। यहां पर भारत एक मात्र संपूर्ण निर्मित अद्भुत शिल्पकला वाला रथाकार मंदिर है। तीर्थ अधिष्ठायक देव श्री माणिभद्रवीर यहां पर स्वयंभू प्रकटित होकर स्थापित है तथा भक्तों की मनोकामना पूर्ण कर रहे है। इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के समीप बस्ती बनाया जाना सर्वथा अनुचित है। जबकि आसपास के क्षेत्र में कई स्थान बस्ती बनाने के लिए उपयोग में लिए जा सकते है। इस बस्ती के निर्माण से आने वाले भक्तों की आराधना, साधना में व्यवधान पैदा होगा तथा तीर्थ की पवित्रता भी भंग होगी। उक्त बस्ती को अन्यत्र स्थापित करने की मांग को लेकर जैन समाज ने शासन एवं प्रशासन को पत्र एवं ज्ञापन के माध्यम से अवगत भी कराया है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। इस स्थिति में जैन समाज में तीव्र आक्रोश एवं असंतोष फैला हुआ है। समाज ने चेतावनी दी है कि उक्त बस्ती को अन्यत्र स्थापित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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