देवास। मध्यप्रदेश के देवास निवासी सुप्रसिद्ध तार्किक लेखक ठाकुर विजय बहादुर सिंह राठौड़ “आभास” को नेपाल की राजधानी काठमांडू में “मातृभाषा रत्न” अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया। यह गरिमामयी सम्मान नेपाल की प्रतिष्ठित संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री को सुदृढ़ करना, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना रहा। समारोह में नेपाल, भारत सहित पाँच देशों की लगभग एक हजार साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं को विभिन्न मानद उपाधियों से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में श्री राठौड़ “आभास” को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। श्री राठौड़ “आभास” लेखक, गायक, मूर्तिकार तथा मंच संचालन व प्रशिक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी 25 साझा काव्य पुस्तकों सहित कहानियाँ, कविताएँ और लेख प्रकाशित हो चुके हैं। वे विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और पूर्व में भी कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरि मायालु ने बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायी रचनाकारों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना गौरव का विषय है। उनके शुभचिंतकों एवं साहित्यप्रेमियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ दीं।

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