देवास। नायब शहर क़ाज़ी देवास सीनियर क़ाज़ी नौमान अहमद अशरफ़ी ने रमज़ान के दूसरे जुमे के दौरान ख़िताब करते हुए कहा कि रमज़ान अल्लाह की अता की हुई अज़ीम तरीन नेमत है इसकी क़द्र करें। इस माहे मुबारक में ख़ास तौर पर रब की रहमत अपने बंदों की जानिब मुतवज्जो होती है। इसलिए ख़ास तौर से तौबा अस्तग़्फ़ार और अपने गुनाहों की माफ़ी मांगें। और रब की रज़ा तलब करें। रब पर भरोसा और रब से अपना रिश्ता मजबूत करने का सुनहरा मौका है इसे ना गंवाएं। काजी नोमान अहमद अशरफी साहब ने बताया कि अपनी परेशानियां अपने रब की बारगाह में उसके हबीब के वसीले से पेश करें और परेशानियों से निजात हासिल करें। रमजान के दूसरे जुम्मे में शाही जामा मस्जिद में हुई जुम्मे की विशेष नमाज में काजी मौलाना इरफान अहमद अशरफी साहब की सरपरस्ती में तकरीर की

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