साहित्य संस्था संगम' के भव्य आयोजन में शामिल युवा इतिहासविद... अमितराव पवार
देवास:संस्कारधानी जबलपुर स्थित श्रीजानकीरमण महाविद्यालय में दो दिवसीय 'साहित्य संस्था संगम' का भव्य शुभारंभ हुआ। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी (संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग) के तत्वावधान में आयोजित इस संगम में प्रदेशभर की सक्रिय साहित्यिक संस्थाएँ एक मंच पर एकत्रित हुईं। आयोजन का उद्देश्य संस्थाओं के बीच समन्वय, संवाद और तकनीकी सुदृढ़ता को बढ़ावा देना है। नगर के सुप्रसिद्ध साहित्यकार अमितराव पँवार ने इस आयोजन में देवास का प्रतिनिधित्व करते हुए सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक ने की। मुख्य अतिथि कैलाश चन्द्र (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने लोकमंगल से युक्त साहित्य सृजन और संस्थाओं की तकनीकी सुदृढ़ता पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि शरदचंद्र पालन ने शुभकामनाएँ दीं। अकादमी के निदेशक विकास दवे ने संगम को संस्थागत समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम संयोजक एवं प्राचार्य डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया। द्वितीय सत्र 'भारतीय साहित्य में आयातित एवं भारतीय चिंतन' विषय पर केंद्रित रहा। अध्यक्षता आचार्य भगवत दुबे ने की जबकि आचार्य हरिशंकर दुबे ने भारतीय ज्ञान परंपरा की व्याख्या की। वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र बाजपेई ने एआई और साहित्य पर विचार रखते हुए मानवीय संवेदनाओं की श्रेष्ठता पर प्रकाश डाला। संस्थाओं ने अपने नवाचारों के विषय में बताया तो दूसरी ओर आगामी योजनाओं पर भी चर्चा की। दूसरे दिन 'तकनीकी कार्यों पर मार्गदर्शन' में हुए सत्र को इंदौर के सीए राकेश मित्तल ने संबोधित किया। तृतीय सत्र में राष्ट्रीय चिंतक प्रशांत पोल शामिल हुए। अंतिम सत्र वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद् पंडित हरिकृष्ण त्रिपाठी को समर्पित रहा। सत्र में मुख्य अतिथि उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक अभिलाष पांडे रहे। अध्यक्षता आचार्य हरिशंकर दुबे ने की। मुख्य वक्तव्य डॉ. मुकुल तिवारी ने प्रस्तुत किया। विभिन्न सत्रों का संचालन डॉ. आनंद सिंह राणा,साहित्यकार आशुतोष तिवारी, राजेश पाठक और इंजी. विनोद नयन, डॉ. शिव प्रसाद व्यास ने किया।

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