देवास - आज के दौर में मधुमेह (डायबिटीज) विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती जीवन-शैली संबंधी बीमारियों में से एक बन चुकी है। आमतौर पर इसे केवल भोजन, दवाइयों और शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान अब यह स्वीकार कर रहा है कि मानसिक तनाव, भावनात्मक असंतुलन और जीवन-शैली भी इस रोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी महत्वपूर्ण विषय को केंद्र में रखकर डॉ. महेन्द्र सिंह होरा द्वारा लिखित पुस्तक माइंड एंड डायबीटीज का विमोचन अमलतास ग्रुप के चेयरमैन महोदय श्री मयंक राज सिंह भदौरिया द्वारा किया गया |
डॉ. होरा एक अनुभवी चिकित्सक होने के साथ-साथ माइंड ट्रेनर, मेडिटेशन कोच और लाइफस्टाइल मेडिसिन विशेषज्ञ भी हैं। 25 वर्षो के वृहद अनुभव से उन्होंने अनगिनत मरीजो को ठीक किया है | डॉ.होरा द्वारा तनाव प्रबन्धक में कई कारपोरेट एवं शेक्षणिक संस्था में वर्कशॉप आयोजित की गई | उन्होंने इस पुस्तक में मधुमेह को केवल एक शारीरिक रोग नहीं बल्कि मन, शरीर और जीवन-शैली के संयुक्त प्रभाव के रूप में समझाने का प्रयास किया है।
पुस्तक में बताया गया है कि लगातार तनाव, चिंता, भय और नकारात्मक विचार शरीर में हार्मोनल परिवर्तन उत्पन्न कर इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकते हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर प्रभावित होता है। लेखक ने वैज्ञानिक शोधों और अपने चिकित्सकीय अनुभव के आधार पर यह समझाया है कि सकारात्मक सोच, ध्यान, योग, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम मधुमेह नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर युनिवर्सिटी प्रो चांसलर डॉ .सलिल भार्गव , वाइस चांसलर डॉ. शरद चन्द्र वानखेड़े , कॉलेज डीन डॉ.ए.के. पिठवा, अस्पताल निदेशक डॉ. प्रशांत , पीजी डायरेक्टर डॉ.एस.के.नीमा, अकेडमिक डायरेक्टर डॉ. अभय गुप्ता , वाइस चेयरमैन श्री देवेन्द्र दुबे, चिकित्सक , शिक्षक एवं सभी छात्र उपस्थित रहे |

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