रुचि के अनुसार विषय चुनें, सफलता खुद मिलेगी — एसपी पुनीत गेहलोद”
करियर कंपास: विद्यार्थियों को मिला उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शन
देवास। [शकील कादरी] श्री राजाभाऊ महाकाल सेवा न्यास द्वारा आयोजित “करियर कंपास” कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। होटल रामाश्रय में आयोजित कार्यक्रम में देवास शहर के सीबीएसई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता देवास पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत जी गेहलोद ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रारंभ में प्रश्न मंच सत्र हुआ , जिसमें विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान, इतिहास एवं संस्कृति से जुड़े प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके पश्चात बौद्धिक सत्र में वक्ता द्वारा विद्यार्थियों को विषय चयन एवं विभिन्न करियर विकल्पों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न पूछकर शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में समापन सत्र में प्रश्न मंच के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को “स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश” पुस्तक भेंट की गई।
कार्यक्रम के वक्ता एवं मार्गदर्शक पुनीत गेहलोद (एसपी, देवास) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कक्षा 11वीं का विषय चयन ही भविष्य की दिशा तय करता है। उन्होंने बताया कि विषय चयन तीन आधारों पर होता है—मित्रों के प्रभाव से, अभिभावकों की इच्छा से या स्वयं की रुचि से। इनमें से स्वयं की रुचि के आधार पर लिया गया निर्णय सबसे बेहतर होता है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि रुचि के अनुसार विषय चुनने और लगातार प्रयास करने से ही सफलता प्राप्त होती है। यूपीएससी में प्रारंभिक असफलताओं के बावजूद दृढ़ संकल्प के चलते उन्होंने सफलता हासिल की। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। मुख्य अतिथि ने कहा कि आज के समय में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेल, संगीत, कला, अभिनय एवं व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में भी करियर के अवसर उपलब्ध हैं। सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग कर विद्यार्थी अपने कौशल को निखार सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बावजूद मानव की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी। समाज में पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि “पुलिस का भय होना चाहिए, लेकिन आतंक नहीं।” उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। बालिकाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने पुलिस सेवाओं सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में श्री गेहलोद ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस प्रकार के मार्गदर्शन को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर निरंतर प्रयास करें, जिससे वे अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।

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