देवास में संपन्न हुई मालवांचल अनहद लोक कला यात्रा, पद्मश्री कलाकारों ने दी प्रस्तुति
देवास। मालवा की पारंपरिक और निर्गुण लोक गायकी के संरक्षण के उद्देश्य से ‘मालवांचल अनहद लोक कला यात्रा’ का दो दिवसीय आयोजन उज्जैन से शुरू होकर देवास में संपन्न हुआ। यात्रा का शुभारंभ उज्जैन के वृंदावन पुरा स्थित संत रविदास गुरुद्वारा में हुआ। शुभारंभ कार्यक्रम में श्री मुकेश मालवीया एवं साथी खरगोन, श्री मधुसूदन परमार एवं साथी देवास, श्री संतोष चकरावदीया एवं साथी उज्जैन तथा कुमारी स्नेहा गेहलोद एवं साथी उज्जैन ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। यात्रा का समापन समारोह देवास के विक्रम सभा एवं कला भवन, जवाहर चौक में आयोजित किया गया। प्रातः परिचर्चा एवं लोक गायकों से संवाद हुआ, जिसमें संवादकर्ता के रूप में कबीर अध्येता डॉ. सुरेश पटेल एवं तालवाद्य साधक श्री अनूप सिंह बोरलिया शामिल हुए। इसके पश्चात लोक गायन प्रस्तुतियां हुईं। समापन समारोह में पद्मश्री कालूराम बामनिया ने निर्गुण भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं पद्मश्री भेरू सिंह चौहान और श्री नानूराम सनवेरिया को ‘सारस्वत सम्मान’ से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संगीताचार्य पद्मश्री पं. उमाकांत गुंदेचा, संस्कार भारती के अखिल भारतीय सह कोषाध्यक्ष श्रीपाद जोशी, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलानुशासक प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, अ.जा. मोर्चा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री भगवान सिंह परमार और संस्कार भारती जिला देवास की अध्यक्ष सुश्री अरूणा सोनी उपस्थित रहे। देवास के कार्यक्रम में श्रीमती माया मालवीय, श्री करण पोरवाल एवं साथी, श्री शंकर लाल धौलपुरिया, श्री रामचरण परमार, श्री मुकेश मालवीया, बणजारण सिस्टर्स मालवा (गोरी-ज्योती), श्री धारा सिंह गेहलोद एवं साथी, सुश्री संगीता लोदवाल एवं साथी, सुश्री शिवानी सोनगरा एवं साथी तथा श्री हेमराज बामनिया एवं साथी सहित अनेक कलाकारों ने प्रस्तुति दी। अनहद लोक कला सांस्कृतिक शैक्षणिक साहित्यिक संस्थान, उज्जैन द्वारा आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोक गायक कलाकारों के साथ आम लोगों ने भी भाग लिया। संस्थाध्यक्ष एवं लोक गायक रामचंद्र गांगोलिया ने सभी अतिथियों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा म.प्र. संस्कृति विभाग के सहयोग से किया गया।

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