देवास। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस श्री कृष्णाजी राव पवार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवास में राजनीति विज्ञान विभाग तथा आइक्यूएसी के तत्वाधान में मौलिक अधिकार एक व्यवहारिक दृष्टिकोण विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉक्टर रीना वर्मा अतिथि विद्वान शासकीय महाविद्यालय पीपलरावा ने अपने उद्बोधन में बताया कि निश्चित ही भारतीय संविधान द्वारा भारत के नागरिकों को कई तरह के मौलिक अधिकार प्रदान किये गए हैं किंतु जब हम इसके व्यावहारिक पक्ष का अध्ययन करते हैं तो समाज में हमें इसके कई मिले-जुले परिणाम दिखाई देते हैं। एक ओर जहां मौलिक अधिकार हमें गौरव का अनुभव कराते हैं वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग के उदाहरण भी देखें जा सकतें हैं। विभाग अध्यक्ष डॉक्टर आरके मराठा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि नागरिकों के अधिकार के साथ-साथ उनके कर्तव्यों का भी संविधान में उल्लेख किया गया है हमें अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। डॉ. सीमा सोनी ने बताया कि हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरे के अधिकारों के सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एसपीएस राणा ने अध्यक्ष उद्बोधन में बताया कि अन्य देशों की तुलना में हमारे देश में कई तरह के अधिकार प्रदान किये गए हैं जिसके आवरण में हर व्यक्ति गरिमामय जीवन यापन कर सकता है साथ ही अपने व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास कर सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ ममता लावरे के द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन डॉक्टर लता धुपकरिया ने किया। कार्यक्रम में लगभग 100 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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