सकारात्मक सोच से ही सफलता प्राप्त होती है- आमील शेख अब्बास अली शाकीर,,
देवास। दाउदी बोहरा समाज का मोहर्रम का पावन पर्व प्रारंभ हुआ। आशुरा के 9 दिवसीय कार्यक्रम परम्परागत प्रतिदिन वाअज (प्रवचन), मजलिसे हुसैन का आयोजन शुरू हुआ। सभी समाजजन अपनी परम्परागत पोषाख लिबासे अनवर पहनकर शामिल हो रहे है। पूरे समय या हुसैन या हुसैन की सदा से सराबोर है। इस वर्ष सैयदना आली कदर मुफद्दल सैफुदीन सा. जिक्रे इमाम हुसैन के लिए लंदन पधारे हैं। आपके दूसरे दिन की वाअज के आडियो वीडियो का प्रसारण समाजजन को देखने सुनने का सौभाग्य मिला। आपने अपने आला बयान में हुनर शीर्षक पर अपने जीवन यापन में कपड़ा, भोजन व मकान पर उक्त शीर्षक का तफसील से बयान किया। सैफी मार्ग स्थित बुरहानी मस्जिद में स्थानीय आमील शेख अब्बास अली शाकिर वाअज कर रहे हैं। अपने बयानों में इमाम हुसैन अपने परिवार के साथ करबला के कठिन व तकलीफ सफर पर व जुल्मो सितम पर विस्तार से बयान कर रहे हैं। साथ ही आपने शरियत में बताये हुए मानव जीवन को अपने जीवन में अवतरित करने पर बल दिया। आपने कहा कि जिंदगी व व्यवसाय में सकारात्मक सोच से संचालित करें। जिससे उसके परिणाम भी सकारात्मक ही प्राप्त होते हैं। यदि आप नकारात्मक सोच से कार्य करते हैं तो आपको विफलता मिलती है। अनुयायी अपना जीवन खुशहाली से बिताएं, मजलिसे इमाम हुसैन पर कहा कि हमें मजलिस पैगामे अमन अमान का देती है। जानकारी देते हुए जाकिर हुसैन नजमी व हाजी अली असगर नदीम ने कहा कि प्रतिदिन शाम को मजलिसे इमाम हुसैन की जाती है जिसमें स्थानीय जाकिर व सूरत से पधारे मुल्ला इब्राहिम भाई, मुल्ला मुकर्रम, मुल्ला हुसैन भाई मातमी नोहा पढ़ पुरजोश मातम करा रहे हैं। मजलिसे हुसैन में मदरसाए हुसैनिया के छात्र छात्राएं इमाम हुसैन की शहादत पढ़ते है। प्रतिदिन सामूहिक भोज बुरहानी कमेटी व अली असगर कमेटी द्वारा किया जा रहा है। शबीले हुसैन कमेटी, नजमी शबीले हुसैन कमेटी व शब्बीर शबील कमेटी आकर्षक शबील का निर्माण कर शरबत दूध पिलाया जा रहा है। मोहर्रम की 10 तारीख 24 जून को योमे आशुरा मनाया जाएगा। अनुयायी शोहदाए करबला व इमाम हुसैन की शहादत पर पुरजोर गम मातम मनाएंगे। सभी समाजजन देश की खुशहाली व अमन की दुआ मांगेगे।

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