धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
विभिन्न सामग्रियों से किया 108 श्रीमद भागवत का पूजनदेवास। स्थानीय मंडी धर्मशाला में पुष्पनंद जी के श्रीमुख से चल रही श्रीमद 108 भागवत कथा के अंतर्गत महाराज जी ने समुद्र मंथन के विषय में बताते हुए कहा कि नारद जी के कहने पर माता लक्ष्मी ने राजा बली को साखी बांधी थी तब से ही श्रावण मास की पूर्णिमा पर रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया जाता है। महाराज जी ने कथा में महिलाओं से अनुरोध किया कि आप जो सोलह श्रृंगार सुहाग के चिन्ह है जैसे टीका, मांग, सिंदूर, बिछुड़ी, मंगल सूत्र इन्हें त्यागिये मत इनको धारण करने से सभी माता बहनों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। महाराज जी ने कहा कि भागवत कथ सुनने से जन्म जन्मांतर के सभी पाप नष्ट हो जाते है और पुरूषोत्तम मास में पुण्य कर्म करने से उसका 1000 गुना फल प्राप्त होता है, इस मृत्युलोक के राजा महाकाल है। इस प्रकार धरती के नीचे सात लोक है एवं धरती के उपर सात लोक है कुल मिलाकर 14 लोक है। भगवान मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के जन्म की कथा एवं भगवान राम, महाराज दशरथ, माता कौशल्या के आंगन में की गई लीलाओं का वर्णन किया। भगवान राम का माता सीता के साथ विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान राम ने शिव धनुष को तोडा एवं महा अत्याचारी रावण को मारकर मृत्युलोक को रावण के अत्याचारों से मुक्त किया। भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जिसमें मांगीलाल अग्रवाल वसुदेव के रूप में टोकरी में भगवान बालकृष्ण को जेल से लेकर आए तो पूरा पांडाल आलकी की पालकी जय कन्हैया लाल के जयकारों से गुंजायमान हो गया। पुनीत गुंजन अग्रवाल यशोदा बनी उन्होंने भगवान बालकृष्ण को वसुदेव जी से लिया तो पूरा पांडाल भक्तिमय हो गया और उपस्थितजन झूम उठे। भगवान के जन्म पर पांडाल में विभिन्न प्रकार की सामग्री बधाई स्वरूप बांटी गई। माखन मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। हजारों की संख्या में उपस्थित महिलाओं ने नाना प्रकार की सामग्री भेंट कर 108 भागवत जी का पूजन किया। भागवत समिति के नितेश बंसल, वायु अग्रवाल, गर्व अग्रवाल, भरत अग्रवाल, सजल अग्रवाल ने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक होने वाली भागवत कथा में पधारने का अनुग्रह किया है। कथा के मुख्य यजमान मांगीलाल अग्रवाल एवं पुष्पा अग्रवाल है।

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