देवास। “शिक्षक का कार्य भविष्य के नागरिकों का निर्माण करना है” इस प्रेरणादायक संदेश के साथ वरिष्ठ शिक्षक बद्रीलाल मालवीय को उनकी 42 वर्षों की उत्कृष्ट एवं समर्पित शिक्षकीय सेवाओं के उपरांत भावभीनी विदाई दी गई। अपने जीवन में “कर्म ही जीवन है” के सिद्धांत को आत्मसात कर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्री बद्रीलाल मालवीय के सम्मान में आयोजित सेवानिवृत्ति समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जनशिक्षक विजय सोलंकी एवं मुकेश तिवारी उपस्थित थे। अपने उद्बोधन में श्री सोलंकी ने सेवानिवृत्त मालवीय के उत्कृष्ट आचरण, मिलनसार व्यक्तित्व, मृदुभाषिता, संवेदनशीलता तथा विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं मार्गदर्शन में दिए गए अमूल्य योगदान की सराहना की। श्री तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं होता, बल्कि वह भविष्य के नागरिकों का निर्माता होता है। समारोह के दौरान स्टाफ सदस्यों द्वारा बद्रीलाल मालवीय का शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान किया गया। प्रशस्ति पत्र का वाचन श्री भगवान सिंह रैकवार द्वारा किया गया। संचालन कुमेर सिंह डोडिया ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्री राजाराम भिड़े द्वारा किया गया। इस अवसर पर संकुल आगरोद के समस्त शिक्षक साथी, वरिष्ठ शिक्षकगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

0 Comments