देवास : [शकील कादरी] अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चिकित्सकों ने एक ऐसी सर्जरी को अंजाम दिया है जिसने चिकित्सा जगत को भी हैरत में डाल दिया है। यहाँ के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने 34 वर्षीय मरीज चंदर सिंह के मूत्राशय यानी ब्लैडर से खजूर के आकार के 51 बड़े पत्थर निकालकर उन्हें दर्द से मुक्त कर दिया।
पिछले दो वर्षों से असहनीय पेट दर्द से जूझ रहे चंदर सिंह ने कई जगह इलाज कराया, पर आराम नहीं मिला। जब वे अमलतास अस्पताल पहुँचे तो यहाँ की अत्याधुनिक जाँचों में पता चला कि उनके ब्लैडर में पत्थरों का अंबार लगा हुआ है। सामान्यतः राई के दाने जितनी पथरी भी असहनीय दर्द देती है, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में खजूर जैसी बड़ी पथरियों का होना अपने आप में एक दुर्लभ और जटिल केस था।
अस्पताल के मूत्र एवं पथरी रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश बंसल के नेतृत्व में डॉक्टरों की पूरी टीम ने पूरी तैयारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलता पूर्वक संपन्न किया। अत्याधुनिक तकनीक और टीमवर्क के चलते सभी 51 पत्थर एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
सर्जरी के बाद मरीज अब तेजी से स्वस्थ हो रहा है और वर्षों पुराने दर्द से उसे हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। गौरतलब है कि मरीज का पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत बिल्कुल निःशुल्क किया गया, जिससे गरीब परिवार पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ा।
अमलतास अस्पताल के चेयरमैन मयंक सिंह भदौरिया ने इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरी मेडिकल टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के आधुनिक संसाधनों और डॉक्टरों के जज्बे का प्रमाण है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह संभवतः देश का पहला ऐसा मामला है जहाँ एक साथ इतनी बड़ी संख्या में ब्लैडर स्टोन निकाले गए हैं।

0 Comments