मंडी धर्मशाला बना गोवर्धन
धूमधाम से हुआ गिरिराज धरण पूजन, लगा छप्पन भोगदेवास। स्थानीय मंडी धर्मशाला में पुष्पानंदजी महाराज के श्रीमुख से चल रही 108 भागवत कथा में कृष्ण भगवान के जन्म के बाद कृष्ण भगवान के द्वारा की गई बाल लीलाओं का बहुत ही सुंदर वर्णन किया। महाराज श्री द्वारा बताया गया कि भगवान के जन्म के बाद भगवान भोलेनाथ को बालकृष्ण के दर्शन की अभिलाषा हुई, भगवान भोलेनाथ भगवान के दर्शन करने गोकुल पधारे बहुत ही अनुनय विनय के बाद बड़ी मुश्किल से यशोदा मैया ने भोलेनाथ की गोद में बालकृष्ण भगवान को दिया। बालकृष्ण का दर्शन पाकर भोलेनाथ अति प्रसन्न हो गए।
उसके बाद कृष्ण भगवान के मामा ने कृष्ण को मारने के लिए पूतना को भेजा। भगवान ने पूतना को अपनी मां का स्थान देकर उसके प्राण हर कर पूतना का उद्धार किया। भगवान को मारने के लिए कंस ने बवंडर को भेजा भगवान ने उसका भी उद्धार कर दिया। उसके पश्चात भगवान ने अपने सखाओं के साथ मिलकर अनेक बाल लीलाए की। भगवान ने जो माखन गोकुल से बाहर कंस के पास जाता था उसको अपने सखाओं के साथ चुराकर संदेश दिया कि गौ माता का माखन अमृत के समान है, उसे चुरा कर खाया जा सकता है। इसके पश्चात रूद्र रितेश गोयल कृष्ण बनकर बड़ा ही मनोहारी रूप लेकर पांडाल में प्रकट हुए, माखन मटकी फोड़ी अपने ग्वाल बालों के साथ गोपियों के साथ नृत्य किया। पूरा पांडाल भक्तों से खचाखच भरा था। पुष्पानंद जी द्वारा कृष्ण भगवान के भजनों की प्रस्तुति दी जिस पर उपस्थित महिलाओं ने नृत्य किया। पांडाल में गाय माता के गोबर से बड़ा ही सुंदर गोवर्धन पर्वत सजाया गया था। सभी भक्तों ने गिरिराज पूजन किया गिरिराज पर्वत की पूजा कर परिक्रमा की। पूरा पांडाल मानो मथुरा का गोवर्धन लग रहा था। भगवान श्रीनाथ जी की छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। उपस्थित सभी भक्तों को छप्पन भेग के प्रसाद का वितरण किया गया। 108 भागवत समिति द्वारा बड़े ही सुंदर व विशाल पांडाल का निर्माण किया गया है । सूरज शास्त्री के आचार्यत्व में 119 विद्वान ब्राह्मण भागवत कथा का मूल पाठ कर रहे है। देवास के भक्तों ने बड़ी संख्या में सुबह 9 बजे से ही विभिन्न समितियों ने 119 भागवत पर जी पर सामग्री चढ़ा कर पूजन किया। महाराज ने बताया कि भगवान का भोग अपने हाथ से बनाना चाहिये दास दासियों से नहीं बनवाना चाहिये। कथा में गणमान्य भक्त अनेक संख्या में पधार रहे है। कथा में मुख्य अतिथि के रूप में सभापति रवि जैन, मनोज राजानी उपस्थित थे। अनेक संस्थाओं ने पुष्पानंद जी का अभिनंदन किया। भागवत समिति के अर्पित अग्रवाल, नमन अग्रवाल, मनीष अग्रवाल ने भक्तों से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में मंडी धर्मशाला में पधार कर 108 भागवत जी का पूजन कर कथा श्रवण कर अपना जीवन सफल करें। 14 जून को कथ के अंतर्गत कृष्ण रूकमणि के विवाह का सजीव चित्रण किया जाएगा। कथा का समय दोपहर 3 बजे से रहेगा।

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