देवता स्थापन तथा भजनों की प्रस्तुति
देवास। श्री दत्त उपासक मंडल के 13 वें सामूहिक श्री गुरु चरित्र वाचन का शुभारंभ 30 मई को दोपहर देवता स्थापन के साथ हुआ। पूर्ण विधि विधान से संस्थापक अनिल बेलापुरकर (गुरुजी) ने देवताओं को आव्हान कर स्थापित किया। दोपहर 4.30 बजे से 6.30 बजे तक स्वराली भजन मंडळ, इंदूर की सदस्याओं ने अपने प्रमुख दर्शना चिकोडिकर के मार्गदर्शन में सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। संगत कलाकारों में तबला वादन रोहित देशमुख और हार्माेनियम पर आदर्श राय थे। कई भजन प्रतियोगिताओं में विजेता रहे। मंडल की सामूहिक गायन की विद्या को सभी उपस्थित श्रोताओं ने भरपूर सराहा। सायं 7.00 से 9.30 तक देवास के प्राचीन सच्चिदानंद भजन मंडल की प्रस्तुति हुई।
इन भजन मंडलो ने श्री दत्तात्रेय ,श्रीराम ,श्री गजानन महाराज शेगाव, भगवान पांडुरंग, मां तुलजा भवानी आदि पर भजन प्रस्तुत किए।
भजन मंडल प्रमुखों का स्वागत आशा कोरड़े और नरेंद्र पैमगिरिकर ने किया। आभार प्रदर्शन श्री अनिल बेलापुरकर गुरुजी ने व्यक्त किया। उक्त जानकारी दत्त उपासक मंडल के सदस्य दीपक कर्पे ने दी।
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