देवास। इनोवेटिव पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, देवास में राज्य आनंद संस्थान एवं आनंद विभाग देवास द्वारा आयोजित अल्पविराम परिचय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। प्राचार्य सय्यद मक़सूद अली ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आनंदमय शिक्षा, सकारात्मक सोच एवं तनावमुक्त शिक्षण पद्धति से परिचित कराना था। कार्यशाला में राज्य आनंद संस्थान उज्जैन इंदौर संभाग समन्वयक डॉ समीरा नईम,सय्यद मक़सूद अली, मास्टर ट्रेनर कृपाली राणा, आनंदम सहयोगी पपलेश जोशी, प्रहलाद चौहान, उपस्थित थे। कार्यशाला में मुख्य वक्ता समीरा नईम ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके भावनात्मक विकास का भी आधार है। उन्होंने अपने मार्गदर्शन में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया-सकारात्मक सोच एवं आनंदमय जीवनशैली को अपनाना। विद्यार्थियों के साथ संवेदनशील एवं आत्मीय व्यवहार रखना। तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना। विद्यालय में सहयोग, सहानुभूति एवं आपसी विश्वास का वातावरण बनाना। शिक्षण कार्य को आनंददायक एवं रचनात्मक बनाना। मास्टर ट्रेनर कृपाली राणा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी है। उन्होंने शिक्षकों को संवाद कौशल, भावनात्मक संतुलन, टीम वर्क तथा जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न गतिविधियों एवं सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। विद्यालय प्रबंधन ने राज्य आनंद संस्थान एवं आनंद विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक एवं आनंदमय शैक्षणिक वातावरण निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।

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