औदुम्बर ब्राह्मण समाज की पदयात्रा ने दिया सजग नागरिक, सशक्त समाज का संदेश
देवास। औदुम्बर ब्राह्मण समाज के सैकड़ों सदस्यों ने रविवार को शहर में पदयात्रा का आयोजन किया। श्री औदुम्बर महासभा के युवा संघ अध्यक्ष सुदर्शन दुबे ने बताया कि पदयात्रा श्री औदुम्बर महासभा भवन, राजबाड़ा से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः श्री औदुम्बर महासभा भवन पर समाप्त हुई। पदयात्रा के माध्यम से शहरवासियों को सामाजिक सरोकारों से जुड़ने एवं जोड़ने, नागरिकता बोध (सिविक सेंस) तथा सजग नागरिक एवं सशक्त समाज का संदेश दिया गया। अखिल भारतीय औदुम्बर ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष श्री प्रदीप जोशी एवं श्री औदुम्बर ब्राह्मण महासभा, देवास के अध्यक्ष श्री अशोक चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस पदयात्रा ने शहर में 5 किलोमीटर से अधिक का भ्रमण किया। पदयात्री अपने हाथों में सामाजिक एकता, समाज सुधार एवं नागरिक कर्तव्यों (सिविक सेंस) से संबंधित पैनल बोर्ड लिए हुए चल रहे थे। युवाओं के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे। एक डीजे वाहन पर देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों के साथ "औदुम्बर हैं हम औदुम्बर ब्राह्मण" गीत भी बजाया जा रहा था। पदयात्रियों का स्वागत वरिष्ठ नागरिक मंच औदुम्बर ब्राह्मण समाज, डॉ. राजेंद्र दुबे परिवार, शनि मंदिर संस्थान, ब्रह्म बंधुत्व संस्था (बीएनपी), अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण महासंघ, देवास आदि द्वारा मंच लगाकर किया गया। अनुराधा दुबे ने बताया कि सामाजिक सरोकारों को लेकर निकाली गई इस पदयात्रा में अखिल भारतीय औदुम्बर ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप जोशी, महासचिव उमेश द्विवेदी, इंदौर समाज के अध्यक्ष योगेश द्विवेदी, आशुतोष शर्मा, श्यामसुंदर चौधरी, सोनकच्छ के अध्यक्ष कृष्णकांत दुबे, अशोक दुबे, भौंरासा से ओम चौधरी सहित देवास शहर के प्रमुख समाजसेवी श्यामसुंदर शर्मा (एडवोकेट), सतीश दुबे, प्रकाश दुबे, राधेश्याम जोशी, डॉ. राजेंद्र दुबे, विजय उपाध्याय, डॉ. प्रदीप दुबे, डॉ. किशोर दुबे, श्याम पेशकार, दिलीप उपाध्याय, राजेश दुबे, तपन चौधरी, विष्णु पुराणिक, वीरेंद्र जोशी, रमाकांत चौधरी, श्रीमती शची कानूनगो, श्रीमती प्रीति दुबे, श्रीमती वर्षा दुबे, श्रीमती आज्ञा चौधरी, श्रीमती रत्ना कानूनगो आदि उपस्थित थे। पदयात्रा का समापन समाज के लाला लाजपत राय मार्ग स्थित भवन पर हुआ। यहां विभिन्न समसामयिक विषयों पर समाजजनों ने चर्चा करते हुए सामाजिक एकता बनाए रखने पर बल दिया। इस अवसर पर साहित्यकार भावेश कानूनगो का उनकी पुस्तक "चौधराहट बनी रहे है" की पांडुलिपि के प्रथम प्रकाशन हेतु मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा चयनित होने पर सम्मान किया गया। संचालन जगदीश कानूनगो एवं प्रेमेंद्र दुबे ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन महासभा, देवास के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश चौधरी ने किया।

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