देवास। आयुक्त दलीप कुमार के निर्देशन में निगम की टीम के द्वारा निरंतर कोचिंग क्लासेसों की फायर सेफ्टी एवं आपातकालीन द्वार एवं जनहानी एवं दुर्घटना से बचाव के लिए जांच की गई। इसी प्रकार आयुक्त के निर्देशन में निगम की टीम के द्वारा देवास मे स्थित सभी हास्पिटलों की भी सघन जांच की जा रही है। जांच में देवकर नर्सिंग होम, देवास हॉस्पिटल, करीम नर्सिंग होम, महात्मा गांधी हॉस्पिटल, सिविल हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल,यश हॉस्पिटल संस्कार हॉस्पिटल, अपैक्स हॉस्पिटल, श्रद्धा नर्सिंग होम, लव कुश हॉस्पिटल, खरे नर्सिंग होम, माहेश्वरी नर्सिंग होम, प्रिज्म हॉस्पिटल, एच.ए.एच. यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, प्राइम हॉस्पिटल, कुलकर्णी नर्सिंग होम, विनायक हॉस्पिटल, सलूजा हॉस्पिटल, प्रिन्स हॉस्पिटल, अमन हॉस्पिटल, पाटीदार हॉस्पिटल, चंद्रा नर्सिंग होम, कोठारी नर्सिंग होम के साथ इन सभी हास्पिटलों में जाकर निगम की टीम के द्वारा किसी भी प्रकार की जनहानि व दुर्घटना से बचाव के लिए फायर सेफ्टी उपकरणों के साथ आपातकालीन द्वार एवं विद्युत सुरक्षा उपकरणों के साथ फायर आडिट, इलेक्ट्रिक आडिट एवं फायर सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। जिसमें सभी हास्पिटलों में फायर सेफ्टी उपकरण, फायर एवं इलेक्ट्रिक आडिट तथा आपातकालीन द्वार पाये गये।
50 बेड से अधिक संचालित हो रहे हास्पिटलों को लेना होगी एनओसी
इसमें एच.ए.एच.युनानी कालेज एवं हास्पिटल, संस्कार हास्पिटल, एमजी हास्पिटल, विनायक हास्पिटल जो कि 50 बेड से अधिक हैं। 50 बेड से अधिक संचालित हास्पिटलों को शासन नियमासनुसार शासन से फायर एनओसी प्राप्त करना है साथ ही प्रति वर्ष फायर आडिट एवं इलेक्टिक आडिट भी कराना अनिवार्य है इस हेतु निर्देशित किया गया।
फायर उपकरण स्थापित के दिये निर्देश
पाटीदार, युनानी हास्पिटल में फायर आडिट अनुसार उपकरण स्थापित नही किए गये हैं। 7 दिवस मे फायर एवं आडिट उपकरणों को नियमानुसार स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गये।

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