कबीर प्रार्थना स्थली चुना खदान पर गुरुवाणी पाठ के साथ दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का हुआ शुभारंभ,,,
जो श्वास का उपासक होता है वह कर्मों के सारे दोष मिटा देता है...सद्गुरु मंगल नाम साहेब
देवास। सदगुरु कबीर सर्वहारा प्रार्थना स्थली बालगढ़ चूना खदान पर सद्गुरु मंगल नाम साहेब के सानिध्य में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का गुरुवाणी पाठ के साथ शुभारंभ हुआ। जिसमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात सहित विभिन्न प्रांतो के सैकड़ो सध संगत शामिल हुए। सद्गुरु मंगल नाम साहब ने गुरूवाणी पाठ में कहा कि जब हम आरती करते हैं तब कहते हैं कि पहली आरती प्रेम प्रकाशा, करम, भरम सब किन विनाशा। हाथ से किए हुए सारे कर्मों का नाश करने वाला केवल श्वास ही है। जो श्वास का उपासक होता है, वह करम का नाश कर देता है, पतन कर देता है। कर्म के सारे दोष मिटा देता है। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी आरती दिल ही में देवा। पहले दिल में विचार करके काम करो, देना लेना करो। तीसरी आरती त्रिभुवन सूझे। मां के पेट में से निकले, पिता के पेट से निकले, फिर पत्नी के पेट में। इन तीनों भवनो को समझो, देखो। इन भवनों में ही हमारा निर्माण हुआ है। पिता के भवन से हमारे शरीर का अंकुरण हुआ। उस अंकुरण को पालन पोषण करने के लिए मां के खेत में दे दिया। मां के खेत से निकल कर आए की पत्नी के खेत में वही खेत सौंप दिया। त्रि भवन तीन जगह हमारा निर्माण हुआ। हर भवन में आने का जो दोष गुण है वह सद्गुरु से संवाद करने पर ही समझ में आएगा। आगे कहा क़ी सतगुरु-सतगुरु सब कहते हैं लेकिन सतगुरु अति गोपनील है जो संवादों से ही समझा जा सकता है। इस दौरान साध संगत द्वारा सद्गुरु मंगल नाम साहेब का गुलाब क़ी मालाओं से सम्मान कर नारियल भेंट किए गए। यह जानकारी सेवक वीरेंद्र चौहान ने दी।

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