शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा,,
शिक्षक दिवस पर शिक्षक सम्मान ग्रहण न करने व काली पट्टी बांध कर कार्य करने का किया निर्णय
देवास - [शकील कादरी] शिक्षक समाज राष्ट्र निर्माण एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लेकिन शासन स्तर से शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटैंडैंस व्यवस्था तथा कार्यरत शिक्षकों के संबंध में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता/प्रस्ताव को लेकर शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा द्वारा देवास जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सुर्यवंशी को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि विद्यालय में शिक्षक की उपस्थिति का निर्धारण तकनीकी माध्यम से न होकर विद्यालयीन व्यवस्था एवं वास्तविक उपस्थिति के आधार पर किये जाने तथा लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत एवं अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा की पुनः अनिवार्यता लागू करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
समस्याओं एवं मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेने की स्थिति में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर विरोध स्वरूप हाथ पर काली पट्टी बांध कर कार्य करने तथा किसी भी प्रकार का शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करने के निर्णय से ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया गया।
ज्ञापन का वाचन ज्योति वडेकर ने किया। सभी के प्रति आभार पुरूषोत्तम सिंह सिसौदिया ने माना।
इस अवसर पर रजनीश पोरवाल ,शेख साबिर, दिनेश चौधरी,अरुण मिश्रा, दुर्गेश जाजु,मतीन खान, अजय सिंह गौड़, लक्ष्मी माली, सुनिल कुमावत, निर्मला सिंह, रागिनी त्यागी, निर्दोष तिर्की, संगीता राठौर, अनिता पंचोली, सुरेशचंद्र माली, जगदीश राठौर, अर्जुनसिंह मालवीय , दीपक वर्मा,सरदार सिंह मालवीय, जितेन्द्र मालवीय, हजारीलाल चौहान,दशरथ सिंह पटेल, किशोर वर्मा, दिनेश परमार आदि उपस्थित रहें।

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