एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में लापरवाही: जिला स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर बीएमओ और बीपीएम पर कार्रवाही
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मातृ मृत्यु प्रकरण: निजी चिकित्सकों एवं अस्पतालों के विरुद्ध एफआईआर एवं कार्रवाई के निर्देश
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स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, सभी स्वास्थ्य संस्थाएं 24 घंटे रहें क्रियाशील रहें- कलेक्टर श्री सिंह
कलेक्टर श्री ऋतु राज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित
देवास:कलेक्टर श्री ऋतु राज सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्वास्थ्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनसीडी स्क्रीनिंग, टीकाकरण, एनीमिया प्रबंधन, कुपोषण, टीबी सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्री ऋतु राज सिंह ने मॉडरेट एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही पर बीएमओ बागली की एक वेतन वृद्धि रोकने संबंधी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बीपीएम बागली का 10 दिवस, शहरी नोडल अधिकारी का 5 दिवस, बीपीएम बरोठा का 10 दिवस तथा बीपीएम खातेगांव एवं कन्नौद का 15-15 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विकासखंड टोंकखुर्द को कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में लापरवाही पाए जाने पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर निचले स्तर तक जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के 7-7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
*मातृ-मृत्यु प्रकरणों में लापरवाही पर सख्ती*
बैठक में कलेक्टर श्री ऋतु राज सिंह ने मातृ मृत्यु प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित प्रकरणों में मृतक महिलाओं के परिजनों एवं स्वास्थ्य अमले से चर्चा कर जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ने शिवनगर इटावा के मातृ-मृत्यु प्रकरण में निजी चिकित्सक डॉ. राहुल व्यास के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार रामउदय अस्पताल (सीहोर), आशीर्वाद अस्पताल, मां पीतांबरा अस्पताल उज्जैन के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित प्रकरण में शासन स्तर पर पत्र प्रेषित कर अस्पताल के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
*सोनोग्राफी के दिन ही ब्लड टेस्ट कराने के निर्देश*
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि जिले के सभी शासकीय एवं निजी संस्थानों में जहां गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जाती है, वहां उसी दिन ब्लड टेस्ट भी कराया जाए। सभी शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों को इसकी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सभी सीएचसी एवं पीएचसी पूरी तरह क्रियाशील रहें और मरीजों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अनुपस्थित स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं की इमारतों का नियमानुसार उपयोग करते हुए चिकित्सा व्यवस्थाएं 24 घंटे सुचारू रखने के निर्देश दिए गए।
*घर पर प्रसव के प्रकरणों की समीक्षा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश*
विकासखंडवार चार एएनसी चेकअप की समीक्षा के दौरान शहरी नोडल अधिकारी का कार्य संतोषजनक ना पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि डिलेवरी के वक़्त ही हितग्राही की ई-केवाईसी डिटेल्स अपडेट की जाएं। जिला चिकित्सालय से रेफर आउट प्रकरणों की समीक्षा के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पा पवैया एवं डॉ. साधना वर्मा के कार्य की समीक्षा करने के निर्देश सिविल सर्जन को दिए। गैर संस्थागत प्रसव के 68 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।
*आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश*
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविरों के साथ पृथक से अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। सेतु एप के माध्यम से आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने निर्माणाधीन स्वास्थ्य भवनों की गुणवत्ता एवं निर्माण सामग्री का परीक्षण करने तथा लंबित कार्यों के लिए संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
*एनसीडी स्क्रीनिंग बढ़ाने और लक्ष्य पूरा करने के निर्देश*
गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने शहरी क्षेत्रों में स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। वीएचएसएनडी दिवस पर सीएचओ द्वारा एनसीडी स्क्रीनिंग विधिवत कराने के निर्देश दिए गए। सोनकच्छ विकासखंड को छोड़कर अन्य विकासखंडों की प्रगति लक्ष्य से कम पाए जाने पर संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएचओ, आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम के कार्यों की जिला एवं विकासखंड स्तर से नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। आगामी छह माह की एनसीडी कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
*क्रिटिकल केयर अस्पताल का कार्य 15 दिवस में पूर्ण करने के निर्देश*
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल भवन के कार्य की समीक्षा करते हुए इसे 15 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में सिविल सर्जन एवं संबंधित एजेंसी को संयुक्त रूप से निर्देशित किया।
*01 से 15 अक्टूबर तक चलेगा सघन एएनसी पंजीयन अभियान*
गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने पंजीयन बढ़ाने तथा प्रत्येक टीएल बैठक में इसकी विधिवत समीक्षा करने के निर्देश दिए। देवास शहरी क्षेत्र सहित जिले के अन्य विकासखंडों के नगरीय क्षेत्रों में प्रत्येक तीन माह में 15 दिवस का सघन एएनसी पंजीयन अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का प्रथम चरण 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक संचालित होगा। जनसंख्या के आधार पर स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक घर चिन्हित हो। नियमित ड्यूटी प्रभावित न हो, इसके लिए चार्ट तैयार कर कार्य किया जाएगा। देवास शहरी क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से सर्वे किया जाएगा तथा जानकारी गूगल शीट में दर्ज की जाएगी। यह अभियान प्रत्येक तीन माह में निरंतर संचालित किया जाएगा।
*सीएम हेल्पलाइन की 50 दिवस से अधिक पुरानी शिकायतों पर विशेष फोकस*
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि 50 दिवस से अधिक पुरानी शिकायतों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में लैब टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं हैं, वहां सैंपल कलेक्शन का कार्य सीनियर स्टाफ नर्स करेंगी। इसके लिए उन्हें 3 से 5 दिवस का प्रशिक्षण दिया जाए। बीएमओ अपने सुपरविजन में सीएचओ, स्टाफ नर्स एवं एएनएम को रक्त परीक्षण के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिलाएं।
*कुपोषित बच्चों को भर्ती कर निरंतर निगरानी के निर्देश*
गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल (एचबीएनसी) की समीक्षा के दौरान आंकड़ों में सुधार के निर्देश दिए गए। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा में कलेक्टर श्री सिंह ने बेड ऑक्यूपेंसी पूर्ण रखने तथा कुपोषित बच्चों को निरंतर भर्ती कर उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। सीडीपीओ को इस कार्य को गंभीरता से संपादित करने के निर्देश दिए। एसएनसीयू की प्रगति की समीक्षा करते हुए एनबीएसयू को फंक्शनल करने के लिए राज्य स्तर पर पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।
*टीकाकरण, टीबी मुक्त भारत, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की समीक्षा*
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान एचपीवी वैक्सीनेशन के सत्र प्रत्येक गुरुवार एवं शनिवार आयोजित करने के निर्देश दिए गए। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक्स-रे जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के आयोजन के संबंध में जिला टास्क फोर्स की बैठक भी आयोजित की गई।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक, सिविल सर्जन डॉ. एस.के. खरे, डीपीओ श्री साबिर अहमद सिद्दीकी समेत राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के जिला अधिकारी, बीएमओ, सीडीपीओ, विकासखंड कार्यक्रम अधिकारी, बीईई, लेखापाल, सुपरवाइजर एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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