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देवास भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता शिवनारायण शर्मा ‘शिव भैया’ की अनदेखी क्यों,,दशकों की सक्रियता के बाद भी संगठन में सम्मानजनक दायित्व नहीं मिलने पर उठ रहे सवाल

देवास भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता शिवनारायण शर्मा ‘शिव भैया’ की अनदेखी क्यों,,

दशकों की सक्रियता के बाद भी संगठन में सम्मानजनक दायित्व नहीं मिलने पर उठ रहे सवाल 
देवास। भाजपा के वरिष्ठ एवं समर्पित कार्यकर्ता शिवनारायण शर्मा ‘शिव भैया’ इन दिनों एक बार फिर चर्चा में हैं। पार्टी के प्रति लंबे समय से समर्पित रहकर सक्रिय राजनीति करने वाले शिव भैया को संगठन में उचित दायित्व और सम्मान नहीं मिलने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं शहरवासियों के बीच सवाल उठने लगे हैं। समर्थकों का कहना है कि जिन्होंने पार्टी के शुरुआती दौर से लेकर आज तक संगठन को मजबूत करने में अपना जीवन लगाया, आखिर उन्हें लगातार अनदेखा क्यों किया जा रहा है?

शिवनारायण शर्मा का राजनीतिक सफर देवास की भाजपा राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहा है। कांग्रेस शासनकाल के दौरान राजनीतिक संघर्षों के बीच उनके खिलाफ कई प्रकरण दर्ज होने का भी उनके समर्थक उल्लेख करते हैं। इसके बावजूद उन्होंने भाजपा का साथ नहीं छोड़ा और संगठन के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। वे भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जैसे दायित्व पर भी रह चुके हैं।

टेकरी की दुकानों के मामले में निभाई अहम भूमिका

शिव भैया की सक्रियता का उल्लेख करते हुए समर्थक बताते हैं कि टेकरी क्षेत्र के दुकानदारों की दुकानें जब प्रशासनिक कार्रवाई में हटाई गई थीं, तब उन्होंने उनके स्थायी पुनर्वास एवं दुकानें दिलाने के लिए संघर्ष किया। इस मामले में उन्होंने आंदोलन और अनशन तक किया। समर्थकों के अनुसार, उनकी सक्रिय भूमिका से प्रभावित होकर तत्कालीन नेतृत्व ने भी उनके प्रयासों की सराहना की थी।

 विधायक तुकोजीराव पवार के मंत्री बनाये जाने के लिए भी लिया था संकल्प

शिव भैया की राजनीतिक निष्ठा का एक उदाहरण उनके समर्थक स्वर्गीय महाराज तुकोजीराव पवार से जोड़कर बताते हैं। उनका कहना है कि जब महाराज तुकोजीराव पवार को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, तब शिव भैया ने कई वर्षों तक जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प लिया था। बाद में महाराज को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने के बाद स्वयं महाराज ने उन्हें जूते-चप्पल पहनाए थे।
यह प्रसंग आज भी उनके समर्थकों के बीच उनकी निष्ठा और समर्पण के उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है।

हर चुनाव और जनसमस्या में सक्रिय भूमिका

समर्थकों के अनुसार विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव, नगर निगम हो या कृषि मंडी, पंचायत हो या जिला पंचायत—शिव भैया ने हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में उनके वार्ड से भाजपा का पार्षद लगातार चुना जाता रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर वे हमेशा जनता के बीच उपलब्ध रहे और तत्कालीन भाजपा नेतृत्व के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान के प्रयास करते रहे। आंदोलनों और अनशन के कारण उनकी पहचान एक संघर्षशील कार्यकर्ता के रूप में बन चुकी है।
शिव भैया के समर्थक बताते हैं कि पूर्व सांसद एवं वर्तमान राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने एक सभा के दौरान उनकी सक्रियता की प्रशंसा करते हुए कहा था कि शिव भैया जैसे कार्यकर्ता देवास भाजपा को नहीं मिल सकते और वे उनकी सक्रियता के कायल हैं।वहीं, स्वर्गीय तुकोजीराव पवार द्वारा भी टेकरी की दुकानों के समर्थन में शिव भैया द्वारा किए गए अनशन और संघर्ष की सराहना किए जाने का दावा उनके समर्थकों द्वारा किया जाता है।

वर्तमान विधायक गायत्री राजे को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने तक फिर किया है जूते-चप्पल का त्याग 

वर्तमान समय में भी शिवनारायण शर्मा अपने एक संकल्प को लेकर चर्चा में हैं। उनके समर्थकों के अनुसार  विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने के विरोध में उन्होंने मां चामुंडा के समक्ष संकल्प लिया है कि जब तक उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलता, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे।
बताया जाता है कि इस संकल्प को करीब दो वर्ष हो चुके हैं। लगातार नंगे पैर रहने के कारण उनके पैरों में छाले पड़ने और स्वास्थ्य प्रभावित होने की बात भी समर्थकों द्वारा कही जा रही है।
नाम शिव है, भोले हैं, बस सेवा करते हैं”

समर्थकों का कहना है कि शिव भैया ने भाजपा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया, लेकिन कभी व्यक्तिगत लाभ या पद की मांग को प्राथमिकता नहीं दी। उनका कहना है कि उनका स्वभाव ‘नाम शिव है, भोले हैं, बस सेवा करते हैं’ जैसा रहा है।
अब सवाल यह है कि इतने लंबे राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान के बाद भी पार्टी संगठन में उन्हें सम्मानजनक दायित्व क्यों नहीं दिया जा रहा है?
भाजपा के प्रदेश नेतृत्व, जिला नेतृत्व, नगर संगठन और देवास की जनता से उनके समर्थक सवाल कर रहे हैं—क्या पार्टी के लिए दशकों तक संघर्ष करने वाले ऐसे समर्पित कार्यकर्ता के योगदान का सम्मान नहीं होना चाहिए?
शिव भैया की अनदेखी अब केवल समर्थकों के बीच चर्चा का विषय नहीं, बल्कि देवास के राजनीतिक गलियारों में भी सवाल बनती जा रही है। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा संगठन अपने इस पुराने और समर्पित कार्यकर्ता को भविष्य में कोई महत्वपूर्ण दायित्व देकर सम्मानित करता है या नहीं। अब निगाहें भाजपा संगठन और प्रदेश नेतृत्व पर हैं।

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