देवास। अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIMS) में गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस (GCP) एवं ग्रांट राइटिंग पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में शोध कार्य की गुणवत्ता, नैतिक मानकों और क्लीनिकल ट्रायल्स के सही तरीकों को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ अमलतास यूनिवर्सिटी के माननीय प्रो-चांसलर डॉ. सलील भार्गव के स्वागत भाषण एवं प्रारंभिक वक्तव्य से हुआ। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा और क्लीनिकल रिसर्च में नैतिकता व उच्च मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अमलतास यूनिवर्सिटी के माननीय कुलपति डॉ. आर.के. सिंह, कुलसचिव एवं रिसर्च डायरेक्टर डॉ. अभय गुप्ता तथा अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डीन डॉ. ए.के. पिथवा विशेष रूप से उपस्थित रहे और प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सलील भार्गव, डॉ. अभय गुप्ता एवं डॉ. महेश कुमार जैन द्वारा अतिथि वक्ताओं का फेलिसिटेशन कर उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किए गए।
दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल से पधारे विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न तकनीकी एवं शैक्षणिक सत्रों को संबोधित किया। इसमें डॉ. अतुल श्रीवास्तव (स्टेट नोडल ऑफिसर, मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट, GMC भोपाल) ने रिसर्च प्रोटोकॉल, मानव अध्ययन में शोध नैतिकता (Research Ethics), एथिकल राइटिंग एवं Good Clinical Practice (GCP) पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. पवन कारे (असिस्टेंट नोडल ऑफिसर, MRU, GMC भोपाल) ने रिसर्च ग्रांट के अवसरों, फंड अधिग्रहण (Grant Acquisition) और वैज्ञानिक प्रकाशन (Scientific Publication) की बारीकियों से अवगत कराया। इसके साथ ही डॉ. पदमा भाटिया (एसोसिएट प्रोफेसर, GMC भोपाल) ने स्वास्थ्य अनुसंधान में स्टडी डिज़ाइन, स्टैटिस्टिकल डिज़ाइन एवं सैंपल साइज़ कैलकुलेशन पर तकनीकी सत्र लिया तथा डॉ. शिशिर उर्ध्वरेषे (प्रवक्ता) ने लिटरेचर रिव्यू (Review of Literature) की सही कार्यप्रणाली और तकनीकों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यशाला का संपूर्ण समन्वय एवं संचालन डॉ. तनिष्क यादव (कार्यशाला समन्वयक) एवं उनकी टीम द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। इस दौरान संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं एवं चिकित्सकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

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