शिक्षक अज्ञानता का अंधकार दूर कर जीवन को ज्ञान के प्रकाश से भर देते हैं- ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी
देवास। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कालानी बाग सेंटर में शिक्षक दिवस के उपलक्ष में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की जिला संचालीका राज्ययोगिनी ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी कि अध्यक्षता व बीएनपी के मुख्य महाप्रबंधक आशुतोष कुमार, केंद्रीय ओद्योगिक सुरक्षा बल के सीनियर कमांडेंट संदीप कुमार एस, मां चामुंडा सेवा समिति के रामेश्वर जलोदिया नारायण व्यास, क्षेत्रीय पार्षद आलोक साहू वरिष्ठ शिक्षक पीएन तिवारी के आतिथ्य में दीप प्रजाल्वित कर किया गया।
सम्मान समारोह में लगभग 125 शिक्षकों का दुपट्टा, व सप्रेम भेंट देकर सम्मान किया गया। इस दौरान कलाकारों द्वारा नाटिका प्रस्तुत की गई। बीएनपी के मुख्य महाप्रबंधक आशुतोष कुमार ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षक सम्मान समारोह को अनुकरणीय बताया। इस अवसर पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी ने अपनी अमृतवाणी में कहा कि शांति और प्रेम को अपना मार्गदर्शन बनाओ। प्रेम रतन धन इस संसार में सबसे मूल्यवान है। आपकी सोच जैसे वैसे ही आप अपने विचारों को दिव्यता से भरते हैं, तो फिर जीवन भी दिव्य बनना शुरू हो जाता है। शिक्षक उस दीपक के समान है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाशमान बनाते हैं। जो अज्ञानता का अंधकार दूर कर जीवन को अनंत प्रकाश से भर देते हैं। उनके हर अनुभव में आपका कल्याण छुपा हैं। बस दृष्टि बदलने की देर है। यदि जीवन में सुख पाना चाहते हैं, तो पहले मन को समझाओ। क्रोध, चिंता, अपेक्षा, यह सब बोझ है। जब आप इन विकारों को छोड़ते हैं। तो आत्मा का असली तेज बाहर आ जाता है। आप एक दिव्य आत्मा हो ज्ञान और शक्ति से भरे हुए हो। बस खुद को पहचानने की देर हैं। परमपिता की याद से हर कठिनाई आसान हो जाती है। आत्मा तो हमेशा से जानती हैं कि सही क्या है, चुनौती तो मन को समझाने की है।यदि मन को आत्मा रूपी लगाम से काबू कर लिया जाए तो जीवन रूपी गाड़ी सरलता से पर हो जाती है। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी, मनीषा दीदी, अपुलश्री दीदी हेमा वर्मा बहन, एकता बहन, दुर्गा व्यास, संगीता जोशी, देवी शंकर तिवारी,बंसीलाल राठौर भाई, विवेक भाई, सुनील भाई, राजेश भाई अफजल भाई पुरण भाई सहित सैकड़ो संस्था से जुड़े भाई-बहन समाजसेवी गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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