संपत्ति, पद और शक्ति का घमंड नहीं करें: महंत जी
देवास। मानव को संपत्ति, पद और शक्ति का घमंड नहीं करना चाहिए क्योंकि यह नश्वर है। सत्य केवल ईश्वर की भक्ति है। यह विचार श्री राम द्वारा में भागवत कथा में स्वामी रामनारायण जी ने प्रकट किए। बुधवार को वामन जयंती मनाई गई।
छोटे बालक को वामन रूप दिया गया। सभी भक्तों ने उनका पूजन अर्चन किया।
उन्होंने कहा कि राजा बलि एक महान, न्यायप्रिय और प्रजापालक राजा थे, लेकिन तीनों लोकों को जीतने के बाद उनके भीतर अनजाने में अपनी शक्ति और दानवीरता का सूक्ष्म अहंकार आ गया था। भगवान वामन ने भिक्षुक बनकर उनके इसी अहंकार का अंत किया। यह प्रसंग हमें सीख देता है कि संपत्ति, पद या शक्ति चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, मनुष्य को कभी घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि भगवान एक पल में सब कुछ समेट सकते हैं।
गुरुवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। श्री राम द्वारा भक्त मंडल में सुमधुर भजन प्रस्तुत किए।
कथा का समय दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक रखा गया है।

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