देवास। महिला उत्थान मंडल द्वारा संत आशाराम बापू की प्रेरणा से रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यालयों में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को वैदिक रक्षा सूत्र बांधकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। बहन आशा गोस्वामी ने वैदिक रक्षा सूत्र का महत्व बताते हुए कहा कि इसमें दूर्वा, चावल, सरसों, केसर और चंदन का समावेश होता है। यह क्रमशः विघ्न-विनाश, ओज-तेज, अक्षय पुण्य, सकारात्मकता तथा शांति-धैर्य का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से हुई, जहां उप पुलिस अधीक्षक बबीता बामनिया के नेतृत्व में उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रक्षा सूत्र बांधा गया, तिलक लगाया और आरती उतारी गई। इसके बाद नगर निगम कार्यालय में महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारियों को रक्षा सूत्र बांधा गया। उन्होंने मंडल की बहनों एवं समिति के सदस्यों द्वारा भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जिला शिक्षा विभाग में जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी के सानिध्य में रक्षाबंधन मनाया गया। इस दौरान बहनों ने मातृ-पितृ पूजन तथा विद्यालयों में शिक्षाप्रद पुस्तकों के वितरण में सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर श्री सूर्यवंशी ने सहयोग का आश्वासन दिया। बहन लक्ष्मी जयसवाल, उषा झरबड़े, एवं ममता पानसे ने राखी बांधी। महिला उत्थान मंडल की अध्यक्षा बहन श्यामा जोशी ने बताया कि मंडल द्वारा मातृ-पितृ पूजन, तुलसी पूजन, आंगनबाड़ी एवं कन्या विद्यालयों में मार्गदर्शन सहित विभिन्न सेवा कार्य किए जा रहे हैं। देश मे अन्य कई स्थानों पर भी जैसे वृद्धआश्रम जिला जेल, सीमा पर तैनात सैनिक एवं कानून व्यवस्था में लगे पुलिस भाइयों को भी रक्षा सूत्र बांधती है। इस अवसर पर युवा सेवा संघ एवं श्री योग वेदांत सेवा समिति के सदस्यों का भी सहयोग रहा।

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