देवास। अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर, देवास में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्षमता, विकलांगता और स्वास्थ्य वर्गीकरण (ICF) विषय पर 2 सितम्बर को एक-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यशाला केंद्रीय स्वास्थ्य आसूचना ब्यूरो (CBHI), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (भारत सरकार) के तत्वावधान में आयोजित की गई।
CBHI द्वारा अपने वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के स्वास्थ्य वर्गीकरणों पर राष्ट्रीय स्तर के क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी अनुपालन में अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज देवास में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सा अधिकारियों एवं सम्बद्ध स्वास्थ्य कर्मियों के बीच इन अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरणों के ज्ञान एवं क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाना है।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. अतुल श्रीवास्तव, श्रीमती हर्षदा नन्दलाल, श्री अंकुर वर्मा एवं श्री आकाश श्राफ ने उपस्थित संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को संबोधित किया।
सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर जिसमे मौलिक विचारों को साक्ष्य-आधारित शोध प्रोटोकॉल में परिवर्तित करने की विधि, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च ग्रांट्स और फंड प्राप्त करने के अवसर व प्रक्रिया आदि पर गहन विचार-विमर्श किया | इस अवसर पर अमलतास विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. सलिल भार्गव, कुलपति डॉ. आर.के. सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. अभय गुप्ता एवं अमलतास मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. ए.के. पीठवा, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तनिष्क विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अमलतास समूह के चेयरमैन श्री मयंकराज सिंह भदौरिया ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर बधाई दी। प्रो-चांसलर डॉ. सलिल भार्गव एवं कुलपति डॉ. आर.के. सिंह ने कहा कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला चिकित्सकों एवं शोधकर्ताओं के ज्ञानवर्धन तथा संस्थान में शोध संस्कृति को बढ़ावा देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

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