टीबी के 8 संदिग्ध बंदी मिले, 322 बंदियों की हुई स्क्रीनिंग,,
जिला जेल में दो दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
देवास। जिला जेल देवास में स्वास्थ्य विभाग एवं जिला एड्स नियंत्रण इकाई (डीएपीसीयू) के तत्वावधान में 15 और 16 अक्टूबर को दो दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। जेल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित शिविर में बंदियों की टीबी, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और सिफलिस संक्रमण की जांच की गई। शिविर का उद्देश्य संक्रमणों की समय पर पहचान कर बंदियों को आवश्यक परामर्श, आगे की जांच और उपचार सेवाओं से जोड़ना था। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमरीन शेख के निर्देशन में आयोजित शिविर में कुल 322 बंदियों की डिजिटल एक्स-रे के माध्यम से टीबी की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 8 बंदी टीबी के संदिग्ध पाए गए। इन बंदियों के नमूने लेकर आगे की जांच और आवश्यकतानुसार उपचार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शिविर के दौरान 322 बंदियों की एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की स्क्रीनिंग भी की गई। इसके साथ ही सिफलिस संक्रमण की जांच की गई। बंदियों को विभिन्न संक्रमणों के लक्षण, बचाव के उपाय, नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जागरूक किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध या संक्रमित पाए जाने वाले बंदियों को नियमानुसार आगे की जांच, परामर्श एवं उपचार सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था की गई। शिविर में जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमरीन शेख, दिशा स्टाफ से शोभि गुप्ता, पीसी राहुल शर्मा, आईसीटीसी प्रयोगशाला तकनीशियन आदिल, डीएसआरसी परामर्शदाता अक्षय, टीआई स्टाफ से पीएम मुकेश और मुस्कान तथा टीआई पीएम सैयद तस्कीन अली ने सेवाएं दीं। वहीं, टीबी एक्स-रे जांच टीम से तकनीशियन दीपक और अंकित उपस्थित रहे। शिविर के आयोजन में जेलर, जेल फार्मासिस्ट एवं जेल प्रशासन की टीम ने सहयोग प्रदान किया।
आगे भी जारी रहेगी जांच और निगरानी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी के संदिग्ध बंदियों की आगे की जांच सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, एचआईवी, हेपेटाइटिस और सिफलिस से संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों एवं एआरटी केंद्र से जोड़ा जाएगा। आवश्यकतानुसार परामर्श और नियमित फॉलोअप भी किया जाएगा।

0 Comments