देवास: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) देवास द्वारा 7 अक्टूबर को संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त “तेजस्विनी–संस्कार से सामर्थ्य, संस्कृति से शक्ति” युवती सम्मेलन का आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर, मुखर्जी नगर में किया गया। सम्मेलन में देवास के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 426 युवतियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद की प्रांत सेवा कार्य प्रमुख श्रीमती आरती जायसवाल ने पंच परिवर्तन में युवतियों की भूमिका विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज की युवतियां भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। वे घर से लेकर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। युवतियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। विभाग छात्रा प्रमुख मोहिनी कासिया ने कहा कि दिल्ली के निर्भया कांड के बाद केवल कैंडल मार्च निकालने के बजाय छात्राओं और युवतियों की सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस पहल करना आवश्यक समझा गया। इसी उद्देश्य से अभाविप ने “मिशन साहसी” जैसे प्रकल्प प्रारंभ किए, जिसके माध्यम से देशभर में अनेक बहनों को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) का प्रशिक्षण दिया गया। नगर अध्यक्ष श्रीमती सोनाली पिटवे ने भी मंच से युवती सम्मेलन की भूमिका एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित युवतियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवतियों से आत्मविश्वास, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित 426 युवतियों ने पंच परिवर्तन के विचारों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

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