देवास। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन 7262 द्वारा सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों के निराकरण को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कलेक्टर के अवकाश पर रहने के कारण ज्ञापन निगम आयुक्त दलीपसिंह को सौंपा गया। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि मध्यप्रदेश शासन के समक्ष सफाई कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए और बैठकें भी हुईं, लेकिन अब तक समस्याओं का उचित निराकरण नहीं हो सका है। इसी के चलते संगठन ने आठ सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में मांग की गई कि संगठन की प्रमुख मांगों में वर्ष 2006 से विनियमितीकरण के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नियमित करना, वर्ष 2004 से नियमितीकरण का लाभ नहीं मिलने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वर्ष 2025 तक नियमितीकरण का लाभ देना तथा प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में सफाई ठेका प्रथा पूरी तरह समाप्त करना शामिल है। इसके साथ ही सफाई कर्मचारी पति-पत्नी में से किसी एक की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति देने, सफाई कर्मचारी पद पर रोस्टर प्रणाली समाप्त करने और सीधी भर्ती में नियमों का शिथिलीकरण करने की मांग की गई। संगठन ने सफाई कर्मचारियों को आवंटित आवासों पर मालिकाना अधिकार देने, जर्जर मकानों के स्थान पर नवीन कॉलोनियों का निर्माण कर आवास उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। ज्ञापन में प्रदेश के नगर निगमों और नगर पालिकाओं में क्षेत्रफल एवं जनसंख्या के आधार पर 50 हजार नए नियमित सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने तथा सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग की गई। संगठन ने प्रशासन से मांगों पर बिंदुवार चर्चा के लिए तिथि और समय निर्धारित करने तथा समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रदीप पहलवान सांगते, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय परखें, संजय सांगते, लक्ष्य खरे, अनिल डागर, कमल नरवले, कमलेश रांगवे, संजय गिलोरे, सचिन सांगते, नीतेश सांगते, संतोष सांगते, विजय आदिवाल, चंचल सांगते, विजय सांगते, सुमित सांगते, अजय पाल सांगते, विजय कल्याणे, वाजिद खान, सुनील मोदी, अभिष्य पंडित, कैलाश सोलंकी, विकास शांतिलाल सांगते, रितेश सांगते दरोगा, मदन पवार, शंकर पवार, राजा चौहान, राजा गोसर उपस्थित थे।

0 Comments